मल्टीमीडिया डेस्क। शुक्र ग्रह व्यक्ति को आकर्षण, सुख और काम प्रदान करते है। शुक्र दो राशि वृषभ और तुला के स्वामी होते हैं और दैत्यों के गुरु भी है। शुक्र का एक राशि में गोचर 23 दिनों का होता है। इस अवधि में शुक्र विभिन्न राशियों में अलग-अलग फल प्रदान करता है। इसके साथ ही कुंडली में शुक्र ग्रह की स्थिति से भी व्यक्ति को इसका शुभ-अशुभ फल प्राप्त होता है।

10 सितंबर मंगलवार को शुक्र अपनी नीच राशि कन्या में प्रवेश कर रहे हैं। कन्या राशि में शुक्र 4 अक्टूबर तक रहेंगे। अब जानते हैं इस अवधि में विभिन्न राशियों पर पड़ने वाले प्रभाव को।

मेष

इसमें शुक्र का राशि परिवर्तन छठे भाव यानी कन्या राशि में हो रहा है। शुक्र नीच का होने की वजह से यह समय परेशानियों से भरा रहेगा। विवाह, रोग, नौकरी के लिए इसका गोचर ठीक नहीं है। सेहत के मामले में ज्यादा संभलकर रहना होगा, लेकिन धन प्राप्ति के योग है और आकर्षण में इजाफा होगा। गलत संबंध बनाने से सावधान रहे। अशुभ योग को कम करने के लिए शुकवार को चावल का दान करें।

वृषभ

शुक्र पांचवे स्थान में प्रवेश कर रहा है। संतान सुख मिल सकता है। प्रेम संबंधों में भी सफलता की आशा की जा सकती है, लेकिन शिक्षा के लिए शुक्र का यह परिवर्तन ठीक नहीं है। खर्च में बढ़ोतरी की संभावना है, लेकिन कला क्षेत्र जैसे मीडिया और फिल्मों से जुड़े लोगों को इस समय अच्छे अवसर मिलेंगे। शुभ फल के लिए इस अवधि में मां दुर्गा की आराधना करे।

मिथुन

शुक्र यहां पर चौथे भाव पर गोचर करेंगे। इससे मानसिक तनाव में वृद्धि के साथ प्यार के मामले में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इस समय महत्वपूर्ण निर्णय को टालना भी बेहतर रहेगा, लेकिन भौतिक सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी और माता के स्वास्थ्य में सुधार होगा। शुक्रवार को चीनी का दान करें।

कर्क

शुक्र का राशि परिवर्तन तीसरे यानी पराक्रम भाव में हो रहा है। इस अवधि में जोश और जुनून दिलो-दिमाग पर छाया रहेगा। नए मित्र बनेंगे लेकिन शत्रु भी परेशान करेंगे। निकट संबंधियों के साथ वैचारिक मतभेद की स्थिति बन सकती है। शुभता के लिए शुक्रवार को कन्याभोज का आयोजन करें।

सिंह

शुक्र यहां दूसरे भाव में प्रवेश कर रहा है। आर्थिक रूप से शुक्र का यह गोचर शुभ फल प्रदान करेगा। पारिवारिक जीवन में बेहतर परिणाम मिलेंगे, लेकिन पैतृक संपत्ति को लेकर विवाद का सामना करना पड़ सकता है। किसी मूल्यवान वस्तु के खोने के योग भी है। शुक्रवार को सफेद वस्तु का दान करें।

कन्या

शुक्र का यह परिवर्तन पहले भाव पर हो रहा है, इसलिए इस राशि के जातकों का आकर्षण काफी बढ़ेगा। ऐशो-आराम की वस्तुओं पर खर्च होने की संभावना है। साथ ही गलत आकर्षण भी पैदा हो सकता है। इसलिए इस अवधि में अपने व्यवहार को मर्यादित रखना आवश्यक है। शिवलिंग पर श्वेत चंदन अर्पित करें।

तुला

तुला राशि में शुक्र का गोचर बारहवें भाव में हो रहा है। इस समय आप रचनात्मक कार्यों की ओर प्रेरित होंगे। धनलाभ के साथ सुविधा पाने के लिए खर्चों में भी वृद्धि होगी। इस समय किसी करीबी से धोखा मिल सकता है। कामवासना में भी वृद्धि होगी। इस समय शिवलिंग पर सफेद फूल अर्पित करें।

वृश्चिक

शुक्र का यह परिवर्तन ग्यारहवें भाव यानी लाभ स्थान में हो रहा है। लाभ स्थान पर होने से धन की आवक होगी और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। कारोबारी यात्राएं होगी और इसका लाभ भी मिलेगा। मौजमस्ती के कार्यों में धन खर्च हो सकता है। घर में तुलसी का पौधा लगाएं।

धनु

शुक्र दसवें स्थान पर गोचर करेगा। इस अवधि में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा और खर्चों में भी वृद्धि होगी। दांपत्य जीवन में दिक्कतें रहेगी। काफी मेहनत करेंगे, लेकिन फायदा कम होगा। दुर्गा सप्तशती का पाठ करने से फायदा होगा।

मकर

इस राशि में शुक्र का गोचर नवें भाव यानी भाग्य स्थान पर हो रहा है। इस गोचर से भाग्य का साथ मिलेगा और विभिन्न क्षेत्रों में सफलता मिलेना की संभावना है। लेकिन इस अवधि में क्रोध में वृद्धि की संभावना है। इसलिए व्यवहार संयमित रखें। शुक्रवार को शुक्र यंत्र की स्थापना करे।

कुंभ

शुक्र का गोचर आठवें भाव में रहेगा। आर्थिक स्थिति ठीक रहेगी, लेकिन भाग्य ज्यादा साथ नहीं देगा। इस दौरान वाद-विवाद से दूर रहने की सलाह दी जाती है। घर के सदस्यों में इस दौरान प्रेम भाव बना रहेगा। कन्याओं को सफेद वस्तुओं का दान करें।

मीन

सातवे भाव में शुक्र का यह गोचर दांपत्य जीवन के लिए शुभ नहीं है। प्रेमी जोड़ों को भी इस समय दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। इस अवधि में कोई महत्वपूर्ण निर्णय को टालना बेहतर रहेगा। शुक्रवार को चावल का दान करें।