Astrology Tips: ज्योतिष में शुक्र को प्रेम, रोमांस, भोग, विलास आदि का कारक ग्रह माना गया है। वहीं मंगल को रक्त, ऊर्जा, तेजी आदि का कारक माना जाता है। इन दोनों के योग का सभी राशियों पर विशेष प्रभाव पड़ेगा। आपको बता दें कि 27 अप्रैल, बुधवार को भौतिक सुखों के देवता शुक्र, कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में पहुंचे हैं। अब 17 मई की सुबह 8 बजकर 58 मिनट मंगल भी मीन राशि में गोचर करते हुए पहले से उपस्थित शुक्र के साथ युति करेंगे। शुक्र-मंगल की ये युति लगभग एक सप्ताह तक रहेगी। एक सप्ताह के लिए ही सही, लेकिन इन दो ग्रहों की ये युति मीन राशि में “ग्रहीय संयोग” का निर्माण करेगी।

इसके अलावा मीन राशि में शुक्र ग्रह का उच्च का स्थान माना जाता है, परिणामस्वरूप शुक्र की ये उच्च स्थिति मंगल के प्रभाव को काफी कम कर देगी। इस दौरान इन दोनों ग्रहों का गुरु की मीन राशि में युति से प्रेम संबंधों पर असर पड़ेगा और जातकों के जीवन में रोमांस, आकर्षण, भोग-विलास की भावनाओं में वृद्धि होगी। तो चलिए देखते हैं आपकी राशि पर इस संयोग का क्या असर पड़नेवाला है :-

मेष राशि

मंगल-शुक्र की ये युति आपके द्वादश भाव में बनेगी। आपके स्वभाव में उग्रता आ सकती है, स्वास्थ्य पर भी असर पड़ेगा। रक्त संबंधी बीमारियां, हाइपरटेंशन, बीपी आदि की समस्या बढ़ सकती है। आर्थिक जीवन में खर्च बढ़ने की संभावना है। शुक्र की वजह से आपका रुझान महंगी, चमकदार, विलास की वस्तुओं की ओर रहेगा और आप खुलकर ख़रीदारी करेंगे। ये खरीदारी पत्नी या प्रेमिका के लिए भी हो सकती है।

वृषभ राशि

शुक्र का आपके एकादश भाव में होना इस दौरान आपके प्रेम संबंधों में अनुकूलता लेकर आएगा। इस कारण आपको किसी महिला मित्र से अत्यधिक लाभ मिलने के योग बनेंगे। कुछ जातकों को किसी मित्र की मदद से किसी ख़ास व्यक्ति से मुलाकार करने का अवसर भी मिल सकता है। वहीं मंगल के प्रभाव से आपके खर्चों में वृद्धि होगी, और पारिवारिक जीवन में विवाद की आशंका है।

मिथुन राशि

आपके दशम भाव में मंगल-शुक्र का युति करना, करियर के लिए लाभदायक स्थिति है। कार्यक्षेत्र में प्रमोशन या धन लाभ के योग हैं। शेयर बाजार से जुड़े लोगों को इस अवधि में विशेष फायया हो सकता है। प्रेम संबंधों में प्रबलता आएगी और कारोबार में विशेष तरक्की के योग हैं।

कर्क राशि

मंगल-शुक्र की युति आपके नवम भाव में हो रही है। ये भाग्य के लिए अच्छा समय है। लेकिन अचानक मिली सफलता से आपमें आलस्य आ सकता है। शुक्र देव की कृपा से आपको अचानक कई माध्यमों से धन लाभ मिल सकता है। जीवन से सभी क्षेत्रों में आप जोश और साहस से कदम बढ़ाएंगे और आपको कामयाबी भी मिलेगी।

सिंह राशि

ये युति आपके अष्टम भाव में बनेगी, जिससे मंगल का प्रभाव स्वास्थ्य हानि कर सकता है। वाहन आदि से दुर्घटना हो सकती है, लेकिन ज्यादा परेशानी नहीं आएगी। गंभीर बीमारी वाले जातक इस दौरान विशेष सतर्क रहें। वहीं शुक्र के प्रभाव से प्रेम संबंधों में कामयाबी मिलेगी। इस अवधि में आपको अपने पार्टनर का पूरा सहयोग मिलेगा।

कन्या राशि

मंगल-शुक्र आपके सप्तम भाव में होंगे, जिससे पार्टनर के साथ विवाद हो सकता है। जीवनसाथी के साथ विवाद से बचें। वैसे प्रणय संबंधों के लिए यह समय अच्छा है, अगर विवाह की सोच रहे हैं, तो प्रपोज करने के उचित समय है। आर्थिक नुकसान की आशंका है, इसलिए कारोबार में निवेश करने से बचें। शुक्र देव की कृपा आपके अंदर प्यार की भावनाओं में बढ़ोतरी होगी, जो जीवनसाथी के अलावा किसी और के लिए भी हो सकती है।

तुला राशि

ये युति आपके छठे भाव में बनेगी, इस कारण तुला राशि के जातकों के लिए ये समय कुछ कष्टदायक सिद्ध हो सकता है। इस समय आपके शत्रु सक्रिय होंगे और लगातार आपको हानि पहुंचाते दिखाई देंगे। कुछ जातकों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां भी हो सकती है। वहीं ऋण संबंधी समस्या भी बढ़ सकती है। किसी तरह के लोन लेने से बचें और हृदय रोग, रक्त विकार आदि को लेकर सचेत रहें।

वृश्चिक राशि

आपके पंचम भाव में मंगल-शुक्र की युति बन रही है। यह शिक्षा, संतान आदि पक्षों के लिए लाभकारी समय सिद्ध होगा।परिवार में प्रेम बढ़ेगा और बच्चों के साथ आप अच्छा समय गुजारेंगे। परिवार के किसी यात्रा का प्रोग्राम भी बन सकता है। मंगल की वजह से क्रोध में वृद्धि हो सकती है, इसलिए वाहन चलाते वक्त सावधान रहें और बेकार के झगड़ों में ना उलझें। शुक्र देव की वजह से प्रेम संबंधों में मधुरता आएगी और समय सुखपूर्वक कटेगा।

धनु राशि

इस राशि में ये युति चतुर्थ भाव में बनेगी। जिसके कारण पत्नी या प्रेमिका की वजह से माता से विवाद हो सकता है। खास तौर पर आपके प्रेम संबंधों को लेकर परिवार में तनाव बढ़ सकता है। वाहन, भूमि आदि की खरीद के योग बनेंगे। शादीशुदा लोगों को ससुराल से परेशानी हो सकती है। माता के स्वास्थ्य और मानसिक शांति का विशेष ख्याल रखें।

मकर राशि

इस राशि में ये ग्रहीय संयोग तृतीय भाव में बन रहा है। आप कार्यक्षेत्र में पूरा लाभ प्राप्त करने में सफल रहेंगे। व्यक्तिगत जीवन में भी आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी। साथ ही छोटे भाई-बहनों से उचित प्रेम और सम्मान मिलेगा। प्रेम संबंधों में मधुरता आएगी और आप अपने जीवन में नई ऊर्जा और साहस का संचार महसूस करेंगे।

कुंभ राशि

ये युति आपके द्वितीय भाव में बनेगी, जिससे आपको उचित धन लाभ होगा। यदि कुंडली में शुक्र की अंतर्दशा या प्रत्यंतरदशा चल रही है तो, आपको इस दौरान आकस्मिक धन लाभ मिलने के योग बनेंगे। लेकिन शुक्र के दुःस्थानों के स्वामी होने पर कुछ जातकों के लिए धन हानि के भी योग हैं। वहीं मंगल की वजह से भूमि, मकान या प्रॉपर्टी की वजह से लाभ मिलने की संभावना है।

मीन राशि

शुक्र-मंगल की ये अनोखी युति आपकी ही राशि में बन रही है। इसलिए इस दौरान आप शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ और ऊर्जावान महसूस करेंगे। इस अवधि में आपका विपरीत लिंग के जातकों के प्रति रुझान बढ़ सकता है। आप अपने व्यक्तित्व से सभी को प्रभावित कर पाएंगे और जिस कार्य को शुरु करेंगे, उसमें कामयाबी मिलेगी।

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।'

Posted By: Shailendra Kumar

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