मल्टीमीडिया डेस्क। झुलसती गर्मी के दौर के बाद बारिश के आगमन की आहट हो चुकी है। हर किसी को अब इंतजार है तो बारिश की बरसती बूंदों का, जिससे धरती का आंचल शीतल जल से लबरेज हो और दरकती जमीन पर राहत का जल बरसे। देश में कई इलाके इन दिनों भीषण जल संकट के दौर से गुजर रहे हैं। लोगों को मानसून की बेहतर और जोरदार बारिश का इंतजार है। ऐसे में ग्रहयोग कैसे संकेत दे रहे हैं इस पर यदि नजर डालें तो आगामी एक सप्ताह तक अच्छी बारिश के आसार दिखाई नहीं दे रहे हैं। अब गौर करते हैं ज्योतिष के उन ग्रहयोग पर जो बेहतर बारिश में बाधक बने हुए हैं।

बन रही है तीन ग्रहों की खतरनाक युति

15 जून को सूर्य का मिथुन राशि में प्रवेश हो चुका है। मिथुन राशि में बुध, मंगल और राहु ग्रह पहले से ही मौजूद है। इस तरह से मिथुन राशि में अब चार ग्रह हो चुके हैं। इन चारों ग्रहों के ऊपर शनि की सीधी दृष्टि पड़ रही है। यानी कुल मिलाकर ये चारों गृह शनि के प्रभाव में आ गए हैं। ज्योतिष में शनि की दृष्टि को शुभ नहीं माना जाता है। यदि प्रकृति के हिसाब से देखें तो सूर्य, मंगल और राहु तीनों गर्म ग्रह हैं। शनि वायु का मालिक है।

शनि की है तीन ग्रहों पर सीधी दृष्टि

हवा आग को भड़काती है। इस तरह से हवा और आग का यह संगम विस्फोट करवाएगा, दावानल भड़काएगा। कुल मिलाकर तीनों ग्रहों का संयोग और ऊपर से शनि की दृष्टि इसको खतरनाक योग बना रहा है। यह संयोग मंगल के राशि बदलने तक जारी रहेगा। मंगल 23 जून को अपनी राशि बदलेगा। इस तरह से 23 जून तक बारिश के आसार काफी कम है। कहीं थोड़ी बूंदा-बांदी हो सकती है, लेकिन इस दौरान मूसलाधार बारिश के योग नहीं है।

शिव आराधना से मिलेगा अमोघ कवच

इस दौरान सभी राशियों पर भी इसका थोड़ा-बहुत विपरीत प्रभाव पड़ेगा। इस दौरान ग्रहों के खतरनाक योग से बचने के लिए सूर्य को जल अर्पित करें, गाड़ी सावधानी से चलाए और काले और लाल रंग से परहेज करें। इस दौरान शिव आराधना और ओम नम: शिवाय का जाप सुरक्षा कवच का काम करेगा।

Posted By: Yogendra Sharma