Jyeshtha Purnima 2021: हिंदू पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को ज्येष्ठ पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। साथ ही व्रत रखने पर जातकों को शुभ फलों की प्राप्ति होती है। इस वर्ष ज्येष्ठ पूर्णिमा 24 जून 2021 को है। पूर्णिमा के व्रत में स्नान और दान का विशेष महत्व है। आइए जानते हैं ज्येष्ठ पूर्णिमा का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि।

ज्येष्ठ पूर्णिमा का शुभ मुहूर्त

- पूर्णिमा की तिथि का आरंभ: 24 जून गुरुवार सुबह 3 बजकर 32 मिनट से।

- चंद्रोदय का समय: शाम 6 बजकर 27 मिनट पर।

- ब्रह्म मुहूर्त का समय: सुबह 3 बजकर 37 मिनट से 4 बजकर 18 मिनट पर।

- अभिजित मुहूर्त: सुबह 11 बजकर 23 मिनट से दोपहर 12 बजकर 18 मिनट तक।

ज्येष्ठ पूर्णिमा पूजा विधि

सुबह जल्दी उठकर स्नान करना चाहिए। भगवान विष्णु और माता महालक्ष्मी की पूजा करें। घर के पूजा स्थान पर घी का दीपक जलाएं। मां लक्ष्मी और विष्णु जी को पुष्प अर्पित करें। ब्राह्माणों को भोजन करवाएं और दान दक्षिणा दें। रात के समय चंद्रमा को दूध में शहद मिलाकर अर्घ्य जरूर दें। इससे जातकों को सभी कष्टों से मुक्ति मिलती है। साथ ही सभी मनोकामना पूर्ण होती है। वहीं घर में खुशहाली का माहौल रहता है।

ज्येष्ठ पूर्णिमा का महत्व

पूर्णिमा के दिन स्नान और दान करना शुभ माना जाता है। साथ ही विशेष फलों की प्राप्ति होती है। पूर्णिमा तिथि पर विष्णु जी की पूजा करने और चंद्रमा को अर्घ्य देने से सुख-समृद्धि बनी रहती है। वहीं माता लक्ष्मी की पूजा करना शुभ माना जाता है। साथ ही दरिद्रता दूर होती है।

Posted By: Arvind Dubey

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