Navratri Vastu Tips: वास्तु शास्त्र के अनुसार, पांच तत्वों को वास्तु संतुलित करता है। ये पांच तत्व पृथ्वी, जल, अग्नि, आकाश और वायु जो कि घर में संतुलित अवस्था में रहते हैं तो घर में सुख-समृद्धि और शांति बनी रहती है। हिंदू धर्म में शारदीय नवरात्रि का विशेष महत्व माना जाता है। नवरात्रि के नौ दिनों में आदि शक्ति मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा की जाती है। भक्त अपने घरों में देवी दुर्गा की मूर्ति स्थापित करते हैं और उनकी पूजा करते हैं। साथ ही सभी भक्त अपने-अपने घर में सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करते हैं।

वास्तु दोष का कारण

कभी-कभी हम घरों में कुछ छोटी-छोटी गलतियां कर बैठते हैं। जिनकी वजह से हमारी तरक्की और विकास रुक जाता है। वहीं कुछ गलतियां तो वास्तु दोष का कारण बनती हैं। ऐसे में घर का वास्तु दोष दूर करने में यह नवरात्रि का समय सबसे उत्तम होता है। इस दौरान इन उपायों को करने से मां का आशीर्वाद प्राप्त होता है। वहीं घर में सुख-समृद्धि और शांति में वृद्धि होती है।

मुख्य द्वार पर बनाएं

हिंदू धर्म में स्वास्तिक का बड़ा महत्व माना जाता है। घर के मुख्य द्वार पर स्वास्तिक का निशान बनाने से घर की नकारात्मक ऊर्जा खत्म हो जाती है। वास्तु के अनुसार स्वास्तिक न केवल घर में सौभाग्य और समृद्धि लाता है वहीं जटिल से जटिल बीमारियों को भी होने से बचाता है।

इस दिशा में लगाएं तुलसी का पौधा

हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को पवित्र माना जाता है। माना जाता है कि घर में तुलसी का पौधा लगाने से घर की नकारात्मक ऊर्जा खत्म होती है। वहीं सेहत से संबंधी सारी समस्याएं समाप्त हो जाती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार नवरात्रि के दौरान घर के उत्तर-पूर्व दिशा में तुलसी का पौधा लगाना चाहिए। वहीं इसके बगल में दीपक भी जलाना चाहिए। इससे घर का वास्तु दोष दूर होता है। घर में समृद्धि भी आती है।

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Posted By: Ekta Shrma

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