Vastu Tips । हर व्यक्ति चाहता है कि वह जीवन में सुख शांति से रहे और पैसों की कोई कमी न रहें। माता लक्ष्मी की कृपा हमेशा उस पर व परिवार के लोगों पर बनी रहे। माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए हर कोई वास्तु उपाय भी करता है। घर हो या ऑफिस या बिजनेस सेक्टर, हर जगह तरह-तरह की प्रगति के उपाय किए जाते हैं। हम यहां आपको कुछ ऐसे पौधों के बारे में जानकारी दे रहे हैं, जिन्हें घर में लगाने से मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। आइए जानते हैं वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में किस पौधे को लगाना शुभ माना जाता है -

क्रासुला पौधा

क्रसुला के पौधे को आमतौर पर जेड ट्री, लकी ट्री, मनी ट्री, फ्रेंडशिप ट्री के नाम सभी जानते हैं। क्रासुला का पौधा घर में लगाना वास्तु से हिसाब से शुभ माना जाता है। इस पौधे को लगाने के बाद आपको धन प्राप्ति के नए अवसर प्राप्त होंगे और घर में सकारात्मक ऊर्जा आएगी और मां लक्ष्मी का आशीर्वाद भी मिलता रहेगा।

हरसिंगार का पौधा

हरसिंगार का पौधा घर में लगाना बहुत शुभ होता है। इस पौधे में नारंगी और सफेद रंग के खुशबूदार फूल लगते हैं। भगवान गणेश को भी यह फूल चढ़ाए जाते हैं। हरसिंगार के पौधे को घर में लगाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। परिवार में खुशियों का माहौल है। घर में देवी लक्ष्मी का वास होता है। घर में यदि हरसिंगार का पौधा लगा हो तो देवी लक्ष्मी को इसके फूल रोज चढ़ाना चाहिए। घर में हरसिंगार का पौधा सोमवार या गुरुवार के दिन लगाना काफी शुभ माना जाता है।

पूर्व या उत्तर दिशा में लगाएं हरसिंगार का पौधा

हर पौधे को घर में लगाने की भी एक सही दिशा होती है और उसी के आधार पर वह प्रभावशाली भी होता है। अगर सही दिशा में नहीं लगाया गया तो इस पौधे पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। हरसिंगार के पौधे को हमेशा पूर्व या उत्तर दिशा में लगाना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि लक्ष्मण का पौधा मां लक्ष्मी को बहुत प्रिय होता है। हरसिंगार के पौधे को देखने पर देवी लक्ष्मी अपने आप आ जाती हैं, इसलिए इस पौधे से देवी लक्ष्मी का सीधा संबंध माना गया है।

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।'

Posted By: Sandeep Chourey

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