किसी भी व्यक्ति के जीवन में शुभ-अशुभ प्रभाव ग्रहों के कारण होते हैं। कुंडली के 12 भाव में ग्रहों की स्थिति जातक के जीवन को प्रभावित करती है। कोई भी ग्रह, खराब भाव या दुष्ट ग्रह की संगत में होने पर ही अशुभ फल देता है। वहीं, ग्रह अगर अशुभ नक्षत्र में होता है तो भी खराब फल ही देता है। आज हम जानेंगे कुंडली में चंद्र और सूर्य ग्रह के अशुभ नक्षत्र में होने पर जातक के जीवन में होने वाले प्रभावों के बारे में जानेंगे।

कुंडली में चंद्रदोष एवं उपाय

यदि आपकी कुंडली में चंद्रमा की स्थिति बुध के नक्षत्र अश्लेशा, जेष्ठा, रेवती या फिर केतु के नक्षत्र अश्वनी, मघा, मूल में हो, तो ऐसी जन्म कुंडली में चंद्र दोष होता है। इस दोष के कारण जातक की माता को स्वास्थ्य कष्ट, पिता को आर्थिक कष्ट होते हैं। वहीं, जातक के मामा के परिवार में भी गंभीर परेशानियां आती हैं। चंद्रमा के दोष की वजह से जातक के जीवन में धन की कमी, पत्नी सुख की कमी, नौकरी, व्यापार में पैसों की दिक्कत आती हैं।

उपाय

कुंडली में चंद्र दोष को शांत करने के लिए जातक को प्रत्येक वर्ष अपने जन्मदिन के 28 दिन के अंदर जन्म कुंडली में चंद्रमा जिस नक्षत्र में हो, वही दिन वार आने पर नक्षत्र दोष शांति पूजा करवानी चाहिए।

कुंडली में सूर्यदोष एवं उपाय

यदि आपकी कुंडली में सूर्य की स्थिति शनि के नक्षत्र पुष्य, अनुराधा, उत्तराभाद्रपद या फिर राहु के नक्षत्र आर्द्रा, स्वाति, शतभिषा में हो, तो ऐसी जन्मकुंडली में सूर्य दोष बनता है। इस दोष के कारण जातक के पिता को स्वास्थ्य कष्ट, माता को आर्थिक कष्ट होते हैं। वहीं, ताऊ के परिवार में भी गंभीर परेशानियां आती हैं। सूर्य के दोष की वजह से जातक के जीवन में मान-सम्मान और प्रतिष्ठा की कमी, अधिकारी वर्ग के लोगों की नाराजगी, व्यापार बंद होने जैसी दिक्कत आती हैं।

उपाय

कुंडली में सूर्य दोष को शांत करने के लिए जातक को प्रत्येक वर्ष अपने जन्म दिन के 28 दिन के अंदर जन्म कुंडली में सूर्य जिस नक्षत्र में हो, वही दिन वार आने पर नक्षत्र दोष शांति पूजा करवानी चाहिए।

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें

Posted By: Navodit Saktawat

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