Astrology: प्रेम अंधा होता है ऐसा सभी ने सुना होगा। प्यार एक विश्वास का नाम है यह भी सुना ही होगा। लेकिन कभी आपने ऐसा सोचा है कि जब कोई आपसे प्यार करता है तो वह उसी समय किसी दूसरे के बारे में नहीं सोचता होगा। सच कहा जाए तो एक राशि के जातकों के साथ ऐसा होता है। कुण्डली में ग्रहों के दशाएं जीवन भर उसकी सोच को प्रभावित करतीं हैं। शादी या प्यार के रिश्ते में भी इनकी सोच मायने रखती है। ज्योतिष के अनुसार प्रत्येक राशि की कुछ मूलभूत विशेषताएं होती हैं और वे उसी प्रकार व्यवहार भी करते हैं। आज हम आपको उस राशि के बारे में बताते हैं जो प्रेम में बिल्कुल भी विश्वास के योग्य नहीं होते हैं। आखिर क्यों और कैसे जानिए...

मिथुन राशि

मिथुन राशि के लोग सभी राशियों मे सबसे अधिक बुद्धि के माने जाते हैं, लेकिन जब बात संबंधो में भरोसे की आती है तो ये राशि के लोग सबसे आखिरी नंबर पर आते हैं। मतलब आप किसी मिथुन राशि के जातक के साथ रिश्ते में हैं तो इस बात पर स्वतंत्र होकर नहीं रह सकते कि वे कभी आपको धोखा नहीं देंगे। किसी भी समय इनके गुप्त सम्बन्ध की बातें आपको पता चल सकती है।

मिथुन राशि का प्रतीक चिह्न ‘जुड़वां ‘ चेहरे का होता है। यह एक प्रकार से दोहरे चरित्र की और संकेत करता है। उनका दो चेहरों वाला चरित्र रिश्तों में भी होता हैं। एक ही समय पर इनके मन में दो बातें चल रही होती हैं जो कई बार लोगों की पकड़ में आ जाती। जब बात संबंधो की आती है तो ऐसा नहीं है कि ये जानबूझकर ऐसा करते हैं लेकिन इनका मन एक साथ कई लोगों के विषय में सोचता है। ये यह निश्चित नहीं कर पाते कि किसे प्यार करते हैं और किसे नहीं या किसे ज्यादा प्यार करते हैं और किसे कम। इसकी भी एक वजह होती है। इसका कारण यह होता है कि इस राशि का गुण ही कुछ ऐसा है कि इसके जातक कुछ स्वार्थी और भ्रमित स्वभाव के होते हैं। अपनी भावनाओं और पसंद-नापसंद पर बहुत ध्यान देते है किन्तु दूसरों के लिए इस तरह से नहीं सोचते। इन्हें हर चीज चाहिए और किसी भी चीज से समझौता नहीं करना चाहते।

रिश्तों में भी इनके साथ यही होता है। ये चाहते हैं कि इन्हें हर कोई समझे। इसी चाह में वे अपने लिए आदर्श प्यार की खोज में भटकते रहते हैं। साथ ही वे आरामदायक वस्तु, सुन्दरता और सभी प्रकार की भौतिक सुख-सुविधाओं की चाहत रखते हैं। यही कारण है कि इन्हें किसी में कोई बात, तो किसी और में कोई और बात पसंद आती है। इस प्रकार इनका ह्रदय एक साथ अनेक लोगों के लिए स्पंदित होता है। आपको इस बात से आश्चर्य होगा कि प्रेम के मामले में ये इतने भ्रमित और मनचले होते हैं कि यह भी हो सकता है कि किसी को विवाह के लिए कह रहे हों और विवाह के मंडप पर किसी और के साथ हों लेकिन तब भी किसी तीसरे के बारे में सोच रहे होंगे।

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

Posted By: Navodit Saktawat

  • Font Size
  • Close