Astrology: जैसा कि ज्‍योतिष शास्‍त्र के अनुसार कहा गया है कि हर व्यक्ति का स्वभाव उसकी राशि और ग्रहों की चाल पर निर्भर करता है। अगर कोई व्यक्ति स्वभाव से तेज या आलसी है, तो ये बहुत हद तक उसकी राशि और ग्रह दशा पर निर्भर है। ज्योतिष के जानकारों ने बताया है कि कुछ राशि के जातकों को सबसे ज्यादा असुरक्षित महसूस होता है। आज हम असुरक्षा की भावना से भरे इन्हें लोगों के बारे में बताने जा रहे हैं। आइये जानते है किन राशि के जातक इसमें शामिल हैं।

मिथुन

इस राशि के जातकों को दोहरी प्रवृत्ति वाला कहा जा सकता है। इस राशि के लोग या तो बहुत ज्तादा आत्मविश्वास से भरे होते हैं या फिर बहुत ज्यादा असुरक्षा से। इन लोगों का मूड पल भर में बदल जाता है, खासकर जब वे अपनी आरामदायक परिस्थिति से बाहर आते हैं।

वृषभ

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस राशि के जातकों को बदलाव से डर लगता है। वे चीजों को जल्दी नहीं स्वीकारते इसीकारण उनमें असुरक्षा की भावना पनपने लगती है। प्यार के मामले में तो इनकी असुरक्षा का लेवल और बढ़ जाता है।

मीन

इस राशि के जातकों में शक की भावना ज्यादा होती है। यदि आप इनकी तारीफ़ करते हुए कहेंगे कि आप अच्छे लग रहे हैं तो ये खुश होने के बजाय सोचेंगे कि वे पहले अच्छे नहीं लग रहे थे। ज्योतिष्यों के अनुसार इनमें असुरक्षा की भावना ज्यादा नहीं रहती, लेकिन ये सपनों की दुनिया में ज्यादा जीते हैं।

तुला

इस राशि के लोगों में जल्दी निर्णय नहीं लेने की प्रवृत्ति ज्यादा होती है। ये लोग शांति, सद्भाव, प्रेम और न्याय चाहते हैं, लेकिन वे हमेशा उन कीमती गुणों में से किसी को भी खतरे में डालने से डरते हैं। उन्हें इस बात का डर रहता है कि लोग उन्हें पहले जैसा प्यार नहीं करेंगे यदि वे किसी चीज का विरोध करते हैं तो।

कन्या

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस राशि के जातकों को आलोचनाओं से डर लगता है। कई बार ये अपने ही सबसे खराब आलोचक बन जाते हैं। इनमें असुरक्षा की भावना ज्यादा होती है। ये लोग भले ही अपना काम तय समय अनुसार पूरा करते हैं, लेकिन इन्हें फिर भी समय पर काम नहीं होने का भय सताता है।

कर्क

इस राशि के जातकों को अपने से ज्यादा दूसरों की भावनाओं की चिंता रहती है। ये लोगों के दुःख में हमेशा उनके साथ रहते हैं। लेकिन इनकी राय हर पल बदलती रहती है, जो उनकी असुरक्षा का कारण बनती है।

Posted By: Navodit Saktawat

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