Astrology : हिंदू धार्मिक मान्‍यताओं के अनुसार ऐसे कई उपाय होते हैं जो किसी कर्मकांड के अंतर्गत आते हैं। इन उपायों से समस्‍या हल होती है और लाभ होता है। लेकिन किसी निश्चित कर्मकांड से अलग यदि हम देखें तो कुछ आसान उपाय ऐसे भी हैं जो दैनिक जीवन में आजमाए जा सकते हैं। इस बार हम आपको ऐसे छोटे-छोटे उपाय बता रहे हैं, जिन्‍हें अगर आप उनको अपने जीवन में उतार लें तो सम्भव है आपके बहुत सारे कष्ट और परेशानी अपने आप दूर हो जायेगी। ये उपाय बहुत आसान और सरल हैं। ये आपके जीवन में ऐसे घुल जायेंगे कि आपको पता ही नहीं चलेगा आप उपाय कर रहे हैं। इसे अपने दिनचर्या में शामिल करें और जीवन में सुगमता लाएं।

(1) स्नान के पश्चात प्रात: सूर्यनारायण भगवान को लाल पुष्प युक्त जल चढ़ाकर बार-बार हाथ जोड़कर नमस्कार करना चाहिए।

(2) तुलसी के पौधे को प्रतिदिन जल चढ़ाएं तथा गाय के घी का दीपक लगाएं। जो व्यक्ति नित्य सुबह और शाम हनुमान चालीसा पढ़ता रहता है उसे कोई भी व्यक्ति बंधक नहीं बना सकता। उस पर कारागार का संकट नहीं आता।

(3) भगवान शंकर के शिवलिंग पर जल चढ़ाकर 108 बार 'ॐ नम: शिवाय' मंत्र की पूजा से युक्त दंडवत नमस्कार करना चाहिए।या आप के जो भी इष्टदेवता हो इनकी पूजा अवश्य करे।

(4) प्रात:काल सूर्य के सम्मुख बैठकर एकांत में भगवत भजन या मंत्र या गुरु मंत्र का जप करना चाहिए।

(5) नियमित रूप से घर की प्रथम रोटी गाय को तथा अंतिम रोटी कुत्ते को दें, तो घर में रि‍द्धि-सिद्धि का आगमन एवं भाग्योदय होगा।

(6) घर से निकलते समय माता-पिता को प्रणाम करना चाहिए। इससे बृहस्पति और बुध ठीक होते हैं। इससे व्यक्ति के जटिल से जटिल काम बन जाते हैं।

(7) मछलियों की आटे की गोली बनाकर खिलाएं।

(8) चींटियों को खोपरे व शक्कर का बूरा मिलाकर खिलाएं।इससे शनि की साढ़े साती में काफी राहत मिलता है।

(8) जहां भी कौए दिखलाई दें, वहां उस रोटी के टुकड़े कर के डाल दें और आगे बढ़ जाएं। इससे सभी कार्यो में सफलता प्राप्त होती है।

(9) रविवार या मंगलवार को कर्ज नहीं लें। लेना पड़े तो बुधवार को कर्ज ले। धन संबंधी कार्य सोमवार एवं बुधवार को करें।

(10) हमेशा प्रात:काल भोजन बनाते समय माताएं-बहनें एक रोटी अग्निदेव के नाम से बनाकर घी तथा गुड़ से बृहस्पति भगवान को अर्पित करें इससे घर में वास्तु पुरुष को भोग लग जाता है। इससे अन्न पूर्णा भी प्रसन्न रहती है।लगे भोग को प्रसाद के रूप में घर के लोगो में बाँट दे।

(11) यथाशक्ति कुछ न कुछ गरीबों को दान देना चाहिए।

(13) प्रवेश द्वार के आगे स्वस्तिक, ॐ, शुभ-लाभ जैसे मांगलिक चिह्नों को उपयोग अवश्य करें।

(14) शुद्ध कस्तूरी को चमकीले पीले कपड़े में लपेटकर अपनी तिजोरी में रखें।

(15)जो बच्चे में पढ़ने में कमजोर हैं, उन्हें पूर्व की ओर मुख करके अध्ययन करना चाहिए। इससे उन्हें लाभ होगा।

(16)घर में कभी-कभी नमक के पानी से पोंछा लगाना चाहिए। इससे नकारात्मक ऊर्जा नष्ट होती है।

(उक्‍त आलेख ख्‍यात हस्तरेखातज्ञ. विनोद्जी पंडित. गुरुजी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार )

Posted By: Navodit Saktawat

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