Guru Uday 2022: हिंदू पंचांग के अनुसार गुरु गत 23 फरवरी को अस्‍त हो गए थे। अब इसके बाद वे आगामी 27 मार्च को उदित हो जाएंगे। यदि आपका राशि स्‍वामी गुरु है अथवा आपकी कुंडली में गुरु की स्थिति मजबूत है तो यह आपके लिए काम की खबर है। देव गुरु बृहस्‍पति इसी महीने उदित होने जा रहे हैं। माना जाता है कि देवगुरु बृहस्‍पति जातकों के लिए धन, संपत्ति, शुभ, लाभ एवं वैभव पूर्ण जीवन के कारक होते हैं। अब चूंकि उनका 32 दिनों बाद उदय होने जा रहा है तो निश्चित ही कुछ राशियों के लिए यह बहुत लाभकारी साबित होगा। आइये जानिये किन राशियों के लिए अच्‍छा समय शुरू होने वाला है।

1. कन्या- गुरु के उदय होने से कन्‍या राशि के लोगों के लिए अब बेहतरीन समय आने वाला है। यदि आप जॉब करते हैं तो आपको प्रमोशन मिल सकता है। नए अवसर भी प्राप्‍त हो सकते हैं। जो लोग शिक्षा के क्षेत्र में काम करते हैं, उनके लिए अब अनुकूल समय शुरू होने वाला है। घर-परिवार के बीच सुख के साथ समय व्‍यतीत करने का अवसर मिलेगा। धर्म कर्म के कार्यों में हिस्‍सा लेने को मिलेगा। ऐसे में भगवान विष्‍णु की पूजा करेंगे तो अच्‍छा लाभ मिलेगा।

2. मकर- मकर राशि के लोगों को गुरु का उदय विशेष लाभ देगा। आपके पारिवारिक मामलों में मधुरता आएगी। समाज में आपका सम्‍मान बढ़ेगा। यदि आप किसी रोग से पीडि़त चल रहे हैं तो अब आपको उसमें आराम रहेगा। जो काम लंबे समय से अटके थे, अब पूरे हो सकते हैं। आपको अपनी वाणी पर संयम रखना होगा। वैवाहिक मामलों में भी अब समस्‍याएं दूर हो जाएंगी।

3. तुला- तुला राशि के लोगों को अब पैसों का फायदा हो सकता है। अटके हुए काम भी पूरे होंगे और यश की भी प्राप्ति होगी। आपको कोई नया दायित्‍व मिल सकता है। जहां पर भी आप काम करते हैं, वहां आपका सम्‍मान होगी। हालांकि तबादले के भी योग हैं। स्‍वास्‍थ्‍य को लेकर विशेष ध्‍यान रखें। जल्‍दबाजी में कोई निर्णय ना लें।

डिस्‍क्‍लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

Posted By: Navodit Saktawat

  • Font Size
  • Close