Dhanteras 2022: दीपों के पर्व दीपावली की शुरुआत अगले महीने होने वाली है। इस बार धनतेरस का त्योहार 23 अक्टूबर को पड़ रहा है। धनतेरस का काफी महत्व होता है। वैसे तो अधिकांश लोग इसे खरीदारी का पर्व ही मानते हैं। माना जाता है कि इस दिन खरीदारी करने से भी सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। साथ ही मां लक्ष्मी प्रसन्न होती है। ज्योतिष के अनुसार इस दिन माता लक्ष्मी और धन्वंतरि की पूजा होती है। इस दिन सोना-चांदी और नए बर्तन खरीदना बहुत ही शुभ माना जाता है। वहीं कुछ उपाय ऐसे हैं जिन्हें अगर धनतेरस के दिन कर लिया जाए तो हमेशा घर धन-धान्य से भरा रहता है और जीवन की सभी समस्याएं समाप्त हो जाती हैं।

- मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर को प्रसन्न करने के लिए धनतेरस के दिन पूजा के बाद रात को केसर या हल्दी से रंगे हुए 21 चावल के साबुत दाने लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी या पैसे रखने वाली जगह पर रखना चाहिए। ऐसा करने से घर में पैसों की किल्लत कभी नहीं होती है। साथ ही घर में सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है।

- धनतेरस के दिन भगवान कुबेर की पूजा की जाती है। उनकी दिशा उत्तर मानी गई है। ऐसे में धनतेरस के दिन नकदी या पैसा उत्तर दिशा की तरफ रखें। ऐसा करने से कुबेर का आशीर्वाद प्राप्त होता है और धन लाभ के योग बनते हैं।

- धनतेरस पर अगर मां लक्ष्मी को प्रसन्न करना चाहते हैं तो बाजार से नई झाड़ू खरीदकर लाएं। धनतेरस पर नई झाड़ू घर पर लाना समृद्धि दायक माना जाता है। झाड़ू से साफ-सफाई होती है वहीं मां को स्वच्छ घर पर निवास करना पसंद है।

- धनतेरस के दिन घर पर तिजोरी या दुकान की तिजोरी या गल्ले पर मां लक्ष्मी की तस्वीर लगाना चाहिए। हालांकि इस दौरान एक बात का ध्यान रखना चाहिए कि फोटो में मां लक्ष्मी कमल पर धनवर्षा की मुद्रा में बैठी हुई हों और दो हाथी सूंड उठाए नजर आ रहे हों।

- धनतेरस के दिन मां लक्ष्मी के श्री यंत्र को स्थापित करना चाहिए। इसकी दिवाली तक पूजा करें फिर घर या ऑफिस में उत्तर दिशा की तरफ रख दें या दीवार पर लगा दें। ऐसा करने से मां लक्ष्मी का आशीर्वाद मिलता है।

- धनतेरस पर खरीदारी करते समय 11 गोमती चक्र भी ले आएं। घर में लाने के बाद इन पर चंदन लगाकर लक्ष्मी पूजन करें। इसके बाद लक्ष्मी मंत्रों का जाप करें। इससे घर में हमेशा बरकत बनी रहेगी। साथ ही धन की कभी कमी नहीं होगी।

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।'

Posted By: Ekta Sharma

  • Font Size
  • Close