कहते हैं रईस तो हर कोई बन सकता है, लेकिन काबिल बहुत कम होते हैं। यदि आप रईस और काबिल दोनों बनने की ख्वाहिश रखते हैं तो मां सरस्वती की आराधना नियमित करें। क्यों कि देवी सरस्वती विद्या और संगीत की देवी हैं।

जब यह दोनों विद्याएं मां के भक्तों को मिल जाती हैं, तो वह रईस और काबिल दोनों बन सकते है्। इनके अलावा...

- विद्या मिलने पर कोई व्यक्ति हुनरवान बनता है। हुनर जब आता है, तो पैसा आता है। इस तरह वह रईस बन जाता है। और दुनिया उसे एक काबिल इंसान के तौर पर पहचानती है।

- देवी सरस्वती की वंदना हम बचपन से करते हैं। जिन पर मां सरस्वती की कृपा दृष्टि रहती है वह इंसान विद्या और संगीत में निपुण हो जाता है।

- दुनिया में अच्छे विचार और मधुर वाणी दोनों एक साथ बहुत कम लोगों को ही मिलती है। जो लोग देवी के भक्त होते हैं, उन्हें यह सहज रूप में मां कि आशीर्वाद के रूप में मिल जाती है।

- मां की यदि अनुपम कृपा बरस जाए तो भक्त अमर भी हो सकता है। इसका प्रमाण हैं। आल्हा जो आज भी मैहर की शारदा भवानी के मंदिर में सबसे पहले पूजा कर और आशीर्वाद लेते हैं।

- मां सरस्वती की कृपा के बारे में आप इसी बात से जान सकते हैं कि महाकवि कालिदास, वरदराजाचार्य, वोपदेव आदि मंद बुद्धि के लोग सरस्वती उपासना के सहारे उच्च कोटि के विद्वान् बने थे।