मल्टीमीडिया डेस्क। मानव की कुंडली के नवग्रहों में बृहस्पति का विशेष महत्व है। बृहस्पति गृह के मजबूत होने से जातक को उसकी कुंडली में शुभ प्रभाव मिलते हैं। बृहस्पति ग्रह के बेहतर होने से मानव जीवन काफी आसान हो जाता है। खासकर वैवाहिक संबंध और धर्म-कर्म के मामले में बृहस्पति गृह की स्थिति काफी मायने रखती है। इसलिए जब कभी कुंडली में गुरु गृह की स्थिति कमजोर या खराब होती है तो उसको सुधारने के लिए विशेष उपाय करने के लिए कहा जाता है।

बृहस्पति के अशुभ होने के संकेत

- व्यक्ति के सिर पर चोटी की जगह के बाल उड़ जाते हैं।

- व्यक्ति बेवजह गले में मालाएं पहनने लग जाता है।

- इस स्थिति में उसका सोना खो जाता है या चोरी हो जाता है।

- शिक्षा के क्षेत्र में उसको असफलता का सामना करना पड़ता है।

- आंखों में तकलीफ होने लगती है।

- बेवजह दुश्मन बन जाते हैं।

- कारोबारी मशीनों में खराब होने लगती है।

- परिचित धोखा देने लगते हैं।

- सांस और फेफड़े की बीमारी से ग्रसित हो जाता है।

- महिलाओं को वैवाहिक संबंधों में समस्या आती है।

बृहस्पति के शुभ होने के संकेत

- व्यक्ति हमेशा सत्य बोलता है।

- जातक के चेहरे पर तेज और आंखों में चमक होती है।

- व्यक्ति बुद्धिमान होता है और उसका आध्यात्मिक पक्ष काफी प्रबल होता है।

- अपने ज्ञान की वजह से ऐसे व्यक्ति के प्रशंसक काफी होते हैं।

- गुरु के प्रभाव वाले व्यक्ति अध्यापक, वकील, जज, पंडित, प्रकांड विद्वान् या ज्योतिषाचार्य हो सकते हैं।

- गुरु से प्रभावित व्यक्ति थोड़े मोटे और विशाल शरीर वाले होते हैं।

- शुभ प्रभाव वाले जातक का चरित्र तथा आचरण पवित्र तथा सहज होता है।

बृहस्पति ग्रह कि शांति के उपाय

बृहस्पति ग्रह से शुभ फल प्राप्त करने के लिए यानी जिन लोगों की कुंडली में बृहस्पति गृह कमजोर या खराब है उनको पीली वस्तुए जैसे केला, पीला वस्त्र, केशर, मिठाईयां, हल्दी, पीला फूल और भोजन का दान करना चाहिए। यह दान बृहस्पतिवार को करना बेहतर होता है। बृहस्पतिवार को सुबह के समय किसी ब्राह्मण, गुरु अथवा पुरोहित को दान करने का विशेष लाभ मिलता है।

इसके साथ केले और पीपल की जड़ में जल अर्पित करना चाहिए। गुरु, पुरोहित और शिक्षकों की सेवा से भी बृहस्पति गृह का शुभ प्रभाव मिलता है। मंदिर या धर्मस्थल के सामने से गुजरते समय शीश नवाने से भी गुरु गृह का शुभ फल मिलता है। अष्टगंध या केसर का तिलक मस्तक पर लगाना चाहिए। गुरुवार के दिन आटे के लोई में चने की दाल, गुड़ और हल्दी पाउडर डालकर गाय को खिलानी चाहिए।