मल्टीमीडिया डेस्क। सोने को कीमती धातु होने के साथ इसको शुभ भी माना जाता है। सोने का आकर्षण हमेशा से बना रहा है। सोने का उपयोग करना एश्वर्य के साथ शुभ फलदायी भी होता है। प्राचीनकाल से लेकर आज तक सोने के दान, धर्म और इसके उपयोग का गुणगान किया गया है। इसलिए प्रमुख तिथि, त्यौहारों और शुभ अवसरों पर सोने के दान-धर्म और उसके उपयोग का विशेष महत्व बतलाया गया है। ज्योतिष में भी सोने के उपयोग के बारे में विस्तार से बतलाया गया है। ज्योतिष के अनुसार कुछ लोगों के लिए सोना धारण करना शुभ है तो कुछ लोगों को इसके प्रयोग में सावधानी बरतना चाहिए।

सोना पहनने से दर्द में मिलती है राहत

शास्त्रोक्त मान्यता है कि सोना पहनने से मान-सम्मान मिलने के साथ राज पक्ष से सहयोग कि प्राप्ति होती है। गले में सोना धारण करने से दांपत्य जीवन का उत्तम सुख मिलता है। संतान सुख की प्राप्ति के लिए अनामिका अंगुली में सोने की रिंग पहनना चाहिए। एकाग्रता पाने के लिए तर्जनी अंगुली में सोना धारण करना चाहिए। सर्दी-जुकाम की समस्या से निजात पाने के लिए कनिष्ठा अंगुली में सोना पहनना चाहिए। शारीरिक दुर्बलता को दूर करने के लिए सोना धारण करना चाहिए। इसका एक प्रमुख गुण यह भी है कि सोना ऊर्जा और गर्मी दोनों ही पैदा करता है और जहर के असर को कम करता है। सोना पहनने से हाथ,पैर,गला, कान आदि का दर्द बंद हो जाता है।

इन दशाओं में सोना धारण करने से बचना चाहिए

यदि आपकी कुंडली में बृहस्पति की दशा खराब है तो सोना धारण नहीं करना चाहिए। जो लोग जल्दी क्रोधित हो जाते है उनको भी सोना धारण करने से बचना चाहिए। पेट रोग या मोटापे की समस्या है तो सोना नहीं पहनना चाहिए। कमर में सोना पहनने से पेट के रोग परेशान कर सकते हैं और गर्भाशय से संबंधित समस्या भी हो सकती है। शनि संबंधित यानी लोहे, कोयले का कारोबार करने पर सोना धारण नहीं करना चाहिए। सोना बाएं हाथ में पहनना ज्यादा शुभ होता है। पैरों में सोना धारण नहीं करना चाहिए। इससे दांपत्य जीवन में समस्या हो सकती है। सोते समय सोने के गहने निकाल देना चाहिए नहीं तो नींद की समस्या होने की संभावना रहती है।

Posted By: Yogendra Sharma