Astro News: वैदिक ज्योतिष के मुताबिक शुक्र धन और विलासिता का प्रतीक है। शुक्र, जातक को सुंदरता और विवेक प्रदान करता है। यह जातक के जीवन में सुख-सुविधाओं और विलासिता की वस्तुओं को प्राप्त करने का अवसर देता है। माना जाता है कि विलासिता और महंगी वस्तओं का स्वामित्व शुक्र ग्रह को प्राप्त है। इसे प्रेम, रोमांस, भोग-विलास, सौंदर्य, फैशन डिज़ाइनिंग, कला, वैवाहिक सुख आदि का कारक भी माना जाता है। 13 जुलाई, 2022 को सुबह 11:01 बजे शुक्र का मिथुन राशि में गोचर होगा, जो 7 अगस्त तक रहेगा।

उधर एक और शुभ ग्रह बुध पहले से ही मिथुन राशि में है। यानी मिथुन राशि में दो शुभ फल देनेवाले ग्रहों शुक्र और बुध की युति हो रही है। बुध और शुक्र ग्रह की युति से बहुत ही शुभ योग लक्ष्मी नारायण योग बनने जा रहा है। इसे महालक्ष्मी योग भी कहा जाता है। ज्योतिष में महालक्ष्मी योग को बहुत शुभ फलदायक माना गया है। जिन जातकों की कुंडली में इस योग का प्रभाव रहता है उन्हें जीवन के सभी तरह के सुख और वैभव की प्राप्ति आसानी से हो जाती है। बुध-शुक्र ग्रह की युति और महालक्ष्मी योग का कुछ राशि के जातकों को विशेष लाभ मिलने की संभावना है। आइए देखते हैं वो कौन सी भाग्यशाली राशियां हैं।

मिथुन राशि

इस गोचर काल के दौरान शुक्र मिथुन राशि के लग्न भाव यानी व्यक्तित्व, मस्तिष्क और विचार के भाव में गोचर करेगा। यहां बुध पहले से विराजमान है। मिथुन राशि के जातकों के लिए शुक्र पांचवें और बारहवें भाव का स्वामी होता है। ऐसे में इनकी युति से प्रेम संबंधों के मामले में आपको बेहद शुभ फल मिलेंगे। आप अपनी वाणी और बुद्धि से किसी का भी दिल जीत सकते हैं। जो जातक पहले से ही प्रेम संबंध में हैं, उनके रिश्ते में प्रेम और आपसी समझ में वृद्धि होगी। इस दौरान आप अपने व्यक्तित्व को लेकर सजग रहेंगे और रहन-सहन, फ़िटनेस और पर्सनालिटी आदि पर खर्च कर सकते हैं। जो जातक बहुराष्ट्रीय कंपनियों या विदेश में काम कर रहे हैं, उनके लिए भी यह समय अनुकूल सिद्ध हो सकता है। साझेदारी के व्यवसाय या संयुक्त उद्यम से जुड़े लोगों के लिए ये समय उत्तम रहेगा।

सिंह राशि

इस गोचर काल में बुध और शुक्र आपके ग्यारहवें भाव यानी इच्छाओं, मित्रों और भाई-बहनों के भाव में रहेंगे। सिंह राशि के जातकों के लिए शुक्र तीसरे और दसवें भाव का स्वामी है। ऐसे में आपको रोजगार में उन्नति मिलने के संकेत और आपकी सैलरी या आमदनी में बढ़ोतरी होनेवाली है। अगर आप व्यवसाय में हैं, तो महालक्ष्मी योग की वजह से आपको शानदार मुनाफा होने वाला है। लेकिन इसके लिए आपको अपनी बुद्धि पर भरोसा करना होगा और जोखिम या प्रयास में कमी नहीं लानी होगी। इस दौरान परिस्थितियां आपके लिए अनुकूल हो सकती हैं। पेशेवर रूप से देखा जाए तो यह अवधि कपड़े, एक्सेसरीज, ज्वैलरी आदि का कारोबार करने वालों और संगीत, थिएटर और फ़ाइन आर्ट्स जैसे क्षेत्रों से जुडडे जातकों के लिए विशेष फलदायक साबित होगा।

कन्या राशि

इस गोचर काल के दौरान बुध और शुक्र आपकी के दसवें भाव यानी पेशे के भाव में गोचर करेंगे। कन्या राशि के जातकों के लिए शुक्र दूसरे और नौवें भाव का स्वामी होता है। ऐसे में नौवें और दसवें भाव की युति जातकों को बहुत ही अनुकूल परिणाम प्रदान करती है। यह अवधि उन व्यवसायी जातकों के लिए फलदायी सिद्ध हो सकती है, जो खास तौर पर पारिवारिक व्यवसाय से जुड़े हुए हैं। जो लोग मनोरंजन और ट्रैवलिंग उद्योग से जुड़े हुए हैं, उन्हें भी फायदा होगा। मोटे तौर पर आपको अपने रोजगार में भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। मार्केटिंग, सेल्स से जुड़े लोगों के लिए ये डील क्लोज करने का समय है। इस अवधि में आप अपने परिवार के साथ तीर्थ स्थानों की यात्रा की योजना भी बना सकते हैं।

तुला राशि

इस गोचर काल के दौरान बुध और शुक्र नौवें भाव यानी धर्म और भाग्य के भाव में गोचर करेंगे। इस भाव में महालक्ष्मी योग का बनना बेहद शुभ माना जाता है। तुला राशि के जातकों के लिए शुक्र लग्न तथा आठवें भाव का स्वामी होता है। लग्नेश का गोचर वैसे भी जातकों के जीवन पर अधिक प्रभावशाली होता है, इसलिए यह अवधि आपके लिए बेहद शुभ और महत्वपूर्ण है। इस अवधि में आपको अपने प्रयासों में पिता और परिवार का पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलेगा। साथ ही पैतृक संपत्ति या पैतृक वंश की तरफ़ से नकद या उपहार मिलने की प्रबल संभावना है। नौकरीपेशा जातकों के लिए यह समय बेहतर सिद्ध होगा क्योंकि आपको अपने करियर में प्रगति करने के कई अवसर प्राप्त होंगे। इस अवधि में सट्टा बाज़ार जैसे शेयर मार्केट, स्टॉक मार्केट आदि में भी निवेश करने से बचें।

कुंभ राशि

इस गोचर काल के दौरान शुक्र कुंभ राशि के पांचवें भाव यानी कि प्रेम, शिक्षा और संतान के भाव में गोचर करेगा। इस भाव में बुध पहले से विराजमान है। कुंभ राशि के जातकों के लिए शुक्र उनके चौथे और नौवें भाव का स्वामी है। इस राशि के लिए शुक्र और बुध दोनों राजयोगकारक होते हैं। ऐसे में इन दोनों ग्रहों का त्रिकोण में एक साथ बैठना बहुत भी शुभ फल देनेवाला है। जो जातक प्रेम संबंध में हैं, उनके रिश्ते में नज़दीकियां बढ़ सकती हैं। इस बात की प्रबल संभावना है कि आप किसी रिश्ते में प्रवेश कर सकते हैं या संतान प्राप्ति हो सकती है। व्यवसाय के विस्तार और वृद्धि के लिए निवेश के लिए ये समय बहुत अनुकूल है। आर्थिक दृष्टिकोण से भी यह अवधि अनुकूल रहने वाली है। इस दौरान आप एक से अधिक स्रोतों से कमाई कर सकते हैं।

Posted By: Shailendra Kumar

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