रायपुर। Makar Sankranti Surya Mantra: इस साल 14 जनवरी की रात्रि में सूर्य ने मकर राशि में प्रवेश किया है, इसलिए मकर संक्रांति 15 जनवरी को मनाई जा रही है। सुबह से दोपहर तक पुण्यकाल रहेगा। पवित्र नदियों में स्नान करके तिल, गुड़, वस्त्र का दान करने से पुण्य फल की प्राप्ति होगी। स्नान करके भगवान सूर्यदेव और इष्टदेव की पूजा करें। इसके बाद दान करें।

संक्रांति पर सूर्य मंत्र का जाप

सुरेश्वर महादेव पीठ के स्वामी राजेश्वरानंद महाराज के अनुसार पवित्र नदी में स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। वेदी-चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर अक्षत से अष्ट दल बनाएं। इसमें स्वर्णमय सूर्य की प्रतिमा स्थापित कर ओम सूर्याय नम: का जाप करें। सूर्य मंत्र का 108 बार जाप करने से अवश्य लाभ मिलता है। साथ ही विभिन्‍न समस्‍याओ का अंत होता है। पूजा के दौरान घी, शक्कर और मेवायुक्त तिल से हवन करके वस्त्र, तिल, गुड़ का दान करें। सुरेश्वर महादेवपीठ में शाम 4 बजे से सुंदर कांड एवं पंडित, पुजारियों को पंचांग वितरण किया जाएगा।

पूर्व संध्या पर खूब बिका तिल लड्डू

मकर संक्रांति पर दान करने के लिए तिल, गुड़, रेवड़ी, गजक की खूब बिक्री हुई। साथ ही मुर्रा लड्डू, तिल पापड़ी, मूंगफली और मेवायुक्त तिल के लड्डू की भी मांग रही।

पित्त, कफ नाशक है तिल

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार तिल का दान करने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है। आयुर्वेद में तिल का सेवन करना शरीर के लिए स्वास्थ्यवर्धक होता है। यह पित्त, कफ रोग को दूर करता है।

अलग-अलग राज्यों में संक्राति के रूप

छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश - मकर संक्रांति या संकरायत

उत्तर प्रदेश - खिचड़ी

महाराष्ट्र - तिल संक्रांति

असम - बीहू

आंध्रप्रदेश- भोगी

तमिलनाडु - पोंगल

पूर्वी हिमाचल, हरियाणा पंजाब - लोहड़ी

राजस्थान - तिल संक्रांति - एक जैसी 14 वस्तु 14 लोगों को दान

ओड़िसा - मकर चौला

गोवा - इंद्र पूजा

हिमाचल प्रदेश - माघी

- गुजरात - उत्तरायण पर्व

कर्नाटक - सुग्गी

केरल - मकर विलाकु

उत्तराखंड - संक्रांति, पक्षियों को गुड़ , घी, आटा

Posted By: Ashish Kumar Gupta

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