Mangal Grah: सभी ग्रहों में मंगल ग्रह को सेनापति का दर्जा दिया गया है। Mangal ग्रह के शुभ होने पर व्यक्ति को काफी अच्छे फल मिलते हैं और उसका जीवन सुखी होता है। वहीं कुंडली में इसके अशुभ होने पर जातक का जीवन काफी तकलिफों भरा हो जाता है। Mangal ग्रह के अशुभ प्रभाव से दुर्घटवाओं के योग होने के साथ कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। व्यक्ति दरिद्र हो जाता है और दुख उसको घेरे रहता है।

कुंडली में Mangal

यदि किसी व्यक्ति की कुंडली के पहले, चौथे, सातवें और बारहवें भाव में मंगल स्थित है तो इस तरह के लोगों को मंगली कहा जाता है और इनके ऊपर Mangal का काफी ज्यादा प्रभाव होता है।

अशुभ Mangal के प्रभाव

यदि किसी की कुंडली में मंगल अशुभ है तो ऐसे व्यक्ति को ऋण संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। उसको भूमि-भवन आदि कार्यों में हानि होती है। मकान निर्माण में काफी दिक्कतें आती हैं। शरीर में दर्द की समस्या के साथ खून से संबंधित बीमारी होने की संभावना रहती है। ऐसे जातकों के विवाह काफी देर से होते हैं।

अशुभ मंगल के उपाय

मंगल ग्रह की अशुभता को दूर करने का सर्वोत्तम उपाय मंगल देव की भात पूजा है। हर मंगलवार को मंगल देव की विशेष आराधना करें। गरीबों, जरूरतमंदों की यथासंभव मदद करें उनको खाना खिलाएं। मंगलवार को हनुमानजी की पूजा करें। बजरंगबलि के मंदिर में लड्डू, बूंदी या गुड़-चने का भोग लगाएं। इसके साथ हनुमान चालीसा, हनुमान अष्टक, बजरंगबाण, हनुमत-स्तवन आदि का पाठ करें। हनुमानजी की विधि-विधान से आरती उतारें।

Posted By: Yogendra Sharma

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