Palmistry Astrology Thumb । हस्तरेखा शास्त्र में अंगूठे के साथ-साथ हाथ की रेखाओं, निशानों, उंगलियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है। जैसे बिना अंगूठे के उंगलियां किसी काम को करने में सक्षम नहीं होती है, वैसे ही हस्तरेखा में भी अंगूठे को मजबूत इच्छा शक्ति का प्रतीक माना जाता है। हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार अंगूठे को देखकर व्यक्ति के स्वभाव और विचारों के बारे में जानकारी हासिल की जा सकती है -

अंगूठे की पहली नोक

यदि किसी व्यक्ति के अंगूठे का सबसे ऊपर का हिस्सा कील वाला होता है या जिस व्यक्ति के अंगूठे का पहला सिरा दूसरे से अधिक लंबा होता है, उस व्यक्ति की इच्छा शक्ति बहुत प्रबल होती है और वह अपने निर्णय स्वयं लेने में सक्षम होता है। ऐसा व्यक्ति किसी के अधीन होकर काम करना पसंद नहीं करते हैं। ऐसा लोगों का व्यक्तित्व आकर्षक होता है और हर कोई उन्हें देखकर प्रभावित हो जाता है। ये लोग कभी किसी को धोखा नहीं देते।

अंगूठे का दूसरा सिरा

यदि अंगूठे का दूसरा सिरा पहले से बड़ा हो तो उस व्यक्ति की तर्क शक्ति अच्छी होती है। व्यक्ति बातचीत में किसी को भी अपने सामने खड़े नहीं होने देता। अगर ऐसे लोग गलत होते हैं तो फिर भी किसी तरह से खुद को सही साबित करने की कोशिश करते रहते हैं। ये लोग जल्द नाराज हो जाते हैं और इनके सभ्य समाज में सम्मान नहीं मिलता।

तीसरा अंगूठा

अंगूठे के तीसरे भाग को शुक्र पर्वत कहा जाता है। यह पहले दो पोर की तुलना में चौड़ा और अधिक उन्नत है। यदि यह भाग सामान्यतः ऊंचा, गुलाबी रंग का हो तो प्रेम के मामले में बहुत भाग्यशाली होता है। इन लोगों के कई दोस्त होते हैं और समाज में सम्मान की प्राप्ति होती है। शुक्र पर्वत बहुत ऊंचा हो तो ऐसा जातक भोगी व्यक्ति बन जाता है और प्रेम और सुंदरता पाने के लिए कुछ भी करने को तत्पर रहता है।

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।'

Posted By: Sandeep Chourey

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