Rahu Ketu Upay । ग्रहों के उपचार के लिए कई ज्योतिष उपाय बताए गए हैं, जिनके अनुसार राहु, केतु एवं कालसर्प दोष के कुछ विशेष उपाय हैं जिन्हें आप आजमा कर अपने जीवन में आने वाले संकटों को दूर कर सकते हैं। राहु भी शनि के समान कष्टदायक ग्रह होता है और पीड़ित व्यक्ति को भी जीवन में कई दिक्कतों का सामना करना होता है। इस ग्रह से पीड़ित व्यक्ति राहु की शांति के लिए जो उपाय कर सकते हैं इसमें दान का विशेष स्थान है। आइए जानते हैं भोपाल के ज्योतिषाचार्य एवं हस्तरेखा के जानकार विनोद सोना, पोद्दार इस बारे में क्या कहते हैं -

राहु शांति के लिए उपाय

राहु की शांति के लिए लोहे के हथियार, नीला वस्त्र, कंबल, लोहे की चादर, तिल, सरसों तेल, विद्युत उपकरण, नारियल एवं मूली दान करना चाहिए। सफाई कर्मियों को लाल अनाज देने से भी राहु की शांति होती है। राहु से पीड़ित व्यक्ति को इस ग्रह से संबंधित रत्न का दान करना चाहिए। इसके अलावा राहु ग्रह से पीड़ित व्यक्ति को शनिवार का व्रत करना चाहिए इससे राहु ग्रह का दुष्प्रभाव कम होता है। मीठी रोटी कौए को दें और ब्राह्मणों को चावल और कुत्ते को मांसाहार कराने से भी फायदा होता है। इसके अलावा राहु की दशा होने पर कुष्ठ रोग से पीड़ित व्यक्ति की सहायता करनी चाहिए।

राहु की दशा में इन चीजों से बचें

मदिरा और तम्बाकू के सेवन से राहु की दशा में विपरीत परिणाम मिलता है अत: इसके सेवन से बचना चाहिए। आप राहु की दशा से परेशान हैं तो संयुक्त परिवार से अलग होकर अपना जीवन यापन करें।

केतु ग्रह के उपाय

पौराणिक ग्रंथों में राहु और केतु को एक ही शरीर के दो भाग माना गया है। ज्योतिष शास्त्र में इन दोनों ग्रहों को शुभ नहीं माना गया है। जब जातक की कुंडली में केतु की दशा खराब चलती है तो काफी अशुभ परिणाम मिलते हैं। केतु की दशा में सुधार के लिए दान करना बेहतर उपाय बताया गया है। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक केतु से पीड़ित व्यक्ति को बकरे का दान करना चाहिए। वहीं शनिवार एवं मंगलवार के दिन व्रत रखने से केतु की दशा शांत होती है। कुत्ते को मांसाहार या दूध दें एवं ब्राह्मणों को मीठा भात खिलाने से भी केतु की दशा शांत होती है।

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।'

Posted By: Sandeep Chourey

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