Roti Ke Upay: रसोई घर मां अन्नपूर्णा का स्थान माना जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार रसोई घर से जुड़े कुछ नियम होते हैं। इन नियमों को ध्यान में रखकर ही रसोई घर में कोई भी कार्य किया जाता है। रसोई के साथ कुछ नियम रोटियों से भी जुड़े हैं। यदि इन नियमों का ध्यान नहीं रखा गया तो घर में दरिद्रता और आर्थिक तंगी छा जाएगी। आइए जानते हैं वास्तु शास्त्र में बताए गए रोटियों से जुड़े नियमों के बारे में।

ये हैं रोटी के टोटके

1.कुंडली में राहू दोष दूर करने के लिए बासी रोटी पर सरसों का तेल लगाकर काले कुत्ते को लिखना चाहिए।

2.कुंडली में पितृ दोष है तो अमावस्या के दिन दो रोटी और चावल की खीर बनाकर कौए को खिलना चाहिए।

3.गृह क्लेश से मुक्ति के लिए खाना बनाते समय पहली रोटी कुत्ते के लिए निकालें। ऐसा करने से परिवार का माहौल ठीक रहता है।

4.आर्थिक तंगी से परेशान हैं तो रोटी में चीनी डालकर चीटियों को खिलाएं। ऐसा करने से आर्थिक मुसीबतों से छुटकारा मिलता है।

5.खाने की पहली रोटी गाय के नाम पर निकालें और उसे खिलाएं। ऐसा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है।

अशुभ होता है बासी आटे की रोटी बनाना

वास्तु नियमों के अनुसार बासी आटे की रोटियां बनाना अशुभ माना जाता है। ऐसा करने से मां अन्नपूर्णा नाराज रहती हैं। घर में दरिद्रता और आर्थिक तंगी आने लगती है। बहुत से लोग घरों में बासी आटे से रोटी बनाते हैं। जो एक प्रकार से सही नहीं है। यह घर में नकारात्मक ऊर्जा पैदा करता है। रोटियां हमेशा वास्तु के नियमों के अनुसार ताजा आटा गूंथ कर ही बनाना चाहिए।

अशुभ होती हैं तीन रोटियां

ज्योतिष के अनुसार 3 नंबर अशुभ माना गया है। किसी भी मांगलिक या धार्मिक कार्य में इसे शुभ नहीं माना जाता है। वास्तु नियमों के अनुसार किसी को खाने में एक साथ तीन रोटियां नहीं परोसना चाहिए। ऐसा करने से घर में दरिद्रता आती है। ऐसा माना जाता है कि एक थाली में 3 रोटी मुर्दों का भोजन होता है, इसलिए किसी को भी भोजन परोसते समय केवल दो रोटी ही थाली में रखनी चाहिए।

हाथ में रखकर नहीं परोसना चाहिए रोटियां

वास्तु नियमों के अनुसार रोटी हमेशा किसी बर्तन जैसे छोटी प्लेट या थाली से ही परोसी जाना चाहिए। हाथ में रोटी लेकर परोसना शुभ नहीं माना जाता है। इससे मां अन्नपूर्णा खिन्न हो जाती हैं और घर से सुख-समृद्धि चली जाती है।

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

Posted By: Navodit Saktawat

  • Font Size
  • Close