Self Confidence Vastu tips । जीवन में सफल होने के लिए आत्मविश्वास बेहद जरूरी होता है और कई बार हम देखते हैं कि कड़ी मेहनत करने के बाद भी सफलता नहीं मिल पाती है। ऐसे में सफलता नहीं मिलने के जिम्मेदार कारणों में एक सबसे बड़ा कारण आत्मविश्वास की कमी भी हो सकती है। वास्तु शास्त्र में कुछ विशेष उपाय बताए गए हैं, जिनका पालन करने के बाद व्यक्ति का आत्मविश्वास बढ़ सकता है। आइए जानते हैं ऐसे उपायों के बारे में:

- जिन लोगों को आत्मविश्वास की कमी लगती है, उन्हें मूंगा रत्न धारण करना चाहिए।

- पक्षियों को भोजन और पानी देने से भी आत्मविश्वास में वृद्धि हो सकती है।

- अपने लिविंग रूम को उगते सूरज या दौड़ते हुए घोड़े की तस्वीर लगाने से भी आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होती है। ऐसा करने से घर से नकारात्मकता भी दूर होती है। घोड़े को अंदर की ओर दौड़ना चाहिए।

- घर में बैठते समय भी ध्यान रखें कि कभी भी खाली दीवार की ओर मुंह करके न बैठें क्योंकि इससे आत्मविश्वास डगमगा सकता है।

- अपने घर में शनि यंत्र रखें और शनिदेव की आराधना जरूर करें। हर शनिवार को शनिदेव के सरसों का तेल जरूर अर्पित करें।

- घर के प्रवेश द्वार पर नींबू और हरी मिर्च लटकाने से नकारात्मकता कम होती है। नींबू सूख जाए तो शनिवार के दिन इसे बदल देना चाहिए।

- वास्तु के मुताबिक गाय को हरा चारा खिलाने और भूखे कुूत्तों का खाना खिलाने से भी आत्मविश्वास बढ़ता है।

घर में यदि मछली घर रखते हैं तो उसमें दो सुनहरी मछली जरूर रखें।

- आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए सुबह जल्दी उठकर उगते सूर्य की पूजा करें और 'आदित्य हृदय श्रोत' का पाठ करें। रोज सुबह भगवान सूर्य को जल चढ़ाने से आत्मविश्वास बढ़ता है।

- घर की खिड़कियां खुली रखें, जिससे सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

- रोज सुबह गायत्री मंत्र का जाप करें। अपना समय ऐसे लोगों के साथ बिताएं जो सकारात्मक ऊर्जा से भरे हों और उन लोगों से दूर रहें जो दूसरों में दोष ढूंढते हैं।

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।'

Posted By: Sandeep Chourey

  • Font Size
  • Close