शनिदेव रविवार 23 मई से वक्री हो गए हैं। शनिदेव लगभग 141 दिनों तक यानी 11 अक्टूबर 2021 तक मकर राशि में वक्री रहेंगे। शनि की इस वक्री चाल का असर सभी 12 राशियों में देखने को मिलेगा। कुछ राशियों को ये लाभ देंगे वहीं कुछ राशि वालों को परेशानी झेलनी पड़ेगी। शानिदेव की पूजा करके इन परेशानियों से छुटकारा पाया जा सकता है। हालांकि, शनिदेव की पूजा में बहुत-सी बातों का ध्यान रखना पड़ता है। पूजा में थोड़ी सी गलती होने पर गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। यहां हम आपको कुछ उपाय बता रहे हैं, जिनकी मदद से आप शनिदेव को प्रसन्न कर सकते हैं।

शनि के प्रकोप से बचने के लिए करें ये उपाय

1. शनि से जुड़े दोषों को दूर करने के लिए रोजाना सुंदरकांड का पाठ करें और हनुमान जी के मंदिर में जाकर मीठा प्रसाद चढ़ाएं।

2. शमी के वृक्ष की जड़ के साथ रोजाना ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनिश्चराय नम: मंत्र का तीन माला जप करें।

3. शनिवार के दिन शनि महाराज को नीले रंग का अपराजिता फूल चढ़ाएं और काले रंग की बाती और तिल के तेल से दीप जलाएं।

4. शनिवार को महाराज दशरथ का लिखा शनि स्तोत्र पढ़ें।

5. शनिवार या अमावस्या के दिन सूर्यास्त के बाद पीपल के पेड़ के नीचे बैठकर शनिदेव का ध्यान करें। इसके बाद एक दीपक में सरसों का तेल डालकर जलाएं।

6. शनिवार को तामसिक चीजों का सेवन न करें जैसे नॉनवेज और मदिरा।

7. शनिदेव की पूजा में काला तिल बहुत ही शुभ माना जाता है। पूजा में शनिदेव को काला तिल जरूर चढ़ाएं, लेकिन शनिवार को काला तिल नहीं खरीदें।

8. शनिदेव की पूजा करते समय कभी भी उनकी आंखों में आंख डालकर नहीं देखना चाहिए, हमेशा उनके पैरों की तरफ देखते हुए उन्हें तेल अर्पण करना चाहिए।

Posted By: Arvind Dubey