Shani Rashi Change: भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। मंगलवार 17 जनवरी को शनि ने रात 8.02 बजे मकर राशि से कुंभ राशि में प्रवेश कर लिया। कुंभ राशि शनि की स्वयं की राशि होती है। शनि 30 वर्ष के बाद दोबारा से कुंभ राशि में गोचर करेंगे। मकर और कुंभ राशि के स्वामी शनि हैं। मां चामुंडा दरबार के पुजारी पंडित रामजीवन दुबे और ज्योतिषाचार्य पंडित जगदीश शर्मा ने बताया कि वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि करीब एक राशि में ढाई वर्षों तक रहते हैं। फिर दूसरी राशि में जाते हैं। ज्योतिष में शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या का विशेष महत्व होता हैं। साढेसाती के प्रभाव से जातकों को कई तरह की परेशानियां आती हैं। शनि के कुंभ राशि में प्रवेश के साथ ही मकर, कुंभ, मीन राशियों पर शनि की साढ़ेसाती शुरू हो गई है और कर्क, वृश्चिक राशि पर ढैय्या लग गई है। वहीं धनु राशि वालों पर से साढ़े साती का प्रभाव खत्म हो गया है। मिथुन, तुला राशि पर से ढैय्या शनि की दशा समाप्त हो गई है।

शनि शांति के उपाय

- ग्रहों में शनिदेव को दंडनायक की संज्ञा दी गई है। शनिदेव को प्रसन्न करने और शुभ फल की प्राप्ति के लिए शिव उपासना और हनुमत उपासना करें।

- मंगलवार और शनिवार को हनुमान जी की पूजा करें। हनुमान चालीसा एवं शनि चालीसा का पाठ करें।

- शनिवार के दिन शनि मंदिर में छाया दान अवश्य करें।

- गरीब, वृद्ध, असहाय लोगों को भोजन कराएं। पशु पक्षियों के लिए दाने, हरे चारे, पानी की व्यवस्था करें।

- तेल का दान भी करना भी लाभकारी होगा। इससे कष्टों से छुटकारा मिलेगा।

- शनिवार को लोहे से बनी चीजों को दान करें। इससे शनि देव शांत होते हैं और शनि की दृष्टि निर्मल होती है।

- काले कुत्ते को शनिवार के दिन सरसों के तेल से बनी रोटी खिलाएं।

- सूर्यास्त के समय पीपल के पेड़ के पास सरसों के तेल का दीपक जलाने से शनि दोष से मुक्ति मिलती है।

इन गलतियों को करने से बचें, नाराज होते हैं शनि

- किसी असहाय को बेवजह परेशान नहीं करें।

- मांस, मदिरा का सेवन बिल्कुल नही करें।

- कमजोर व्यक्तियों का अपमान न करें।

- अनैतिक कार्यों से दूर रहें।

डिसक्लेमर - इस लेख में दी गई जानकारी/ सामग्री/ गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ ज्योतिषियों/ पंचांग/ प्रवचनों/ धार्मिक मान्यताओं/ धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें।

Posted By: Ravindra Soni

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