Shani Sade Sati:ज्योतिष गणना के अनुसार 17 जनवरी से शनि देव मकर राशि में वक्री होंगे। शनि की उल्टी चाल से कुंभ राशि के जातकों पर विशेष प्रभाव देखने को मिलेगा। शनि के वक्री होने के साथ ही कुंभ राशि में शनि साढ़े साती का दूसरा चरण शुरू हो जाएगा। शनि देव की दृष्टि आपकी कुंडली के तीसरे, सातवें और दसवें भाव पर रहेगी। ऐसे में कुंभ राशि के जातकों के मन में डर है कि शनि की साढ़े साती कहीं उनकी मुश्किलें न बढ़ा दे। आइए जानते हैं कि 17 जनवरी को शुरू होने वाला शनि की साढ़े साती का दूसरा चरण कैसा फल देने वाला है।

लक्ष्य से भटकेंगे

ज्योतिष के अनुसार शनि देव की तीसरे भाव में दृष्टि मिले-जुले परिणाम देगी। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्र लक्ष्य से भटकेंगे। नौकरी-पेशवर लोगों को अनावश्यक बाधाएं परेशान करेंगी। आपकी एकाग्रता भंग हो सकती है।

वैवाहिक जीवन में परेशानी

शनि देव की सातवें भाव में दृष्टि आपके वैवाहिक जीवन में मुश्किलें पैदा करेगी। जीवन साथी के साथ मनमुटाव होगा। वाणी पर नियंत्रण न रहने से रिश्तों में खटास पैदा होने लगेगी। अविवाहितों का विवाह होने में देरी होगी।

10वें भाव पर शनि की नजर

दसवें भाव पर शनि की नजर जातक के लिए अच्छी मानी जाती है। शनि आपको सदा प्रसन्न रखेगा और पुण्‍य कर्म करने वाला बनाएगा। मानसिक शांति मिलेगी।

बारहवें भाव से बाहर आएंगे शनि

शनि देव आपकी कुंडली के बारहवें भाव से बाहर आएंगे। यदि आप किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं तो आपको बीमारी से निजात मिलेगी। खर्चों पर नियंत्रण पा सकेंगे। पैसों की अच्छी बचत कर पाना संभव होगा।

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें।

Posted By: Navodit Saktawat

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