Shani Shubh Sanket:शनिदेव को न्याय का देवता माना जाता है। शनिवार का दिन भी उन्हीं को समर्पित होता है। ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार शनिदेव जिस व्यक्ति से प्रसन्न हो गए उसके दिन बदल जाते हैं। शनिदेव अपने भक्तों को धन, वैभव, यश, पद और सम्मान का लाभ कराते हैं। लेकिन कुकर्म करने वाले व्यक्तियों को शनिदेव बहुत कष्ट पहुंचाते हैं। ज्यादातर लोग शनि ग्रह से भय खाते हैं। लेकिन शनि देव बहुत सरल, शुभ और न्याय प्रिय भी हैं। कहा जाता है कि अगर आपकी कुंडली में शनि की अशुभ स्थिति हो तो व्यक्ति के जीवन में कई तरह के उतार-चढ़ाव आते हैं। कई प्रकार के रोग होते हैं। धन हानि और कलेश होता है। लेकिन अगर शनि आपकी कुंडली में शुभ स्थिति में है तो आपको गरीब से अमीर, भिखारी से राजा बना देता है। चलिए जानते हैं शनि के शुभ स्थिति में होने के क्या संकेत होते हैं।

शनिदेव की प्रसन्नता के ये होते संकेत

शनिदेव जब किसी पर प्रसन्न होते है तो उसकी किस्मत बदल जाती है। शनिदेव देव अपने प्रसन्न होने का संकेत कई प्रकार से देते हैं। जैसे शनिवार के दिन मंदिर के बाहर या किसी भी स्थान विशेष से आपके जूते-चप्पल चोरी हो जाना शुभ संकेत माना जाता है। अचानक आपके पैसा आ जाना या नौकरी-धंधे में तरक्की हो जाना। यहां इस बात सीधा अर्थ ऐसा है कि आपने जब किसी चीज की उम्मीद नहीं की हो लेकिन वो आपको मिल जाए। किसी भी बड़ी दुर्घटना में आपको चोट नहीं आना। समाज में मान-सम्मान मिलना। आपकी सेहत एक दम दुरस्त रहना। शनिदेव की कृपा से व्यक्ति के बाल, नाखून, हड्डियां और आंखे जल्द कमजोर नहीं होती हैं।

इन राशियों के लिए शुभ

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार शनि ग्रह दो राशियों के स्वामी है। मकर और कुंभ। शनि तुला राशि के उच्च भाव में होते हैं। जबकि कुंभ और मकर के सातवें भाव में होते हैं। शनि का ग्यारहवें भाव होना शुभ माना जाता है। शनि इन तीनों राशियों को शुभ फल देते हैं।

शनि देव की शक्ति क्या है

शनि दीर्घायु, दुख, दुःख, वृद्धावस्था, अनुशासन, प्रतिबंध, जिम्मेदारी, देरी, महत्वाकांक्षा, नेतृत्व, अधिकार, विनम्रता, अखंडता और अनुभव से पैदा हुए ज्ञान के नियंत्रक हैं। वह आध्यात्मिक तप, तपस्या, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा का भी प्रतीक है।

क्या शनिदेव की पूजा करना शुभ है

इनकी वक्र दृष्टि के कारण लोगों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में लोग शनि देव को प्रसन्न करने और उनके दंड से बचने के लिए उनकी पूजा करते हैं। लेकिन शनि देव की पूजा करते समय आपको कुछ सावधानियां जरूर बरतनी चाहिए, नहीं तो उनकी पूजा करने वाला भी उनके प्रकोप का शिकार हो सकता है।

क्या होता है जब शनि देव प्रसन्न होते हैं

ऐसा माना जाता है कि शनिवार के दिन शनि यंत्र की पूजा करने से शनि देव प्रसन्न होते हैं। लोग इस दिन व्रत भी रख सकते हैं या दान भी कर सकते हैं। शनि देव को शांत करने के लिए आप शनिवार के दिन किसी काली गाय को उड़द की दाल या तिल खिला सकते हैं। इस शुभ दिन पर आप गरीबों को खाना भी खिला सकते हैं।

शनि को कैसे प्रभावित करें

आप शनि देव को सरसों का तेल और तिल अर्पित करें और मंत्र जाप करें। यह भगवान शनि को प्रसन्न करने के सबसे लोकप्रिय तरीकों में से एक है। हनुमान जी की पूजा करें। भगवान हनुमान हमेशा की तरह बचाव के लिए आते हैं। दान करें। अपने अवांछित अव्यवस्था को साफ करें। पीपल के पेड़ और कौवे की पूजा करें।

Posted By: Navodit Saktawat

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