शुक्र ग्रह को धन और प्रेम का कारक माना गया है। ज्योतिष में माना गया है कि यह ग्रह कई लोगों की किस्मत चमका सकता है। शुक्र ग्रह का 9 जून, मंगलवार को राशि परिवर्तन हुआ है। इससे पहले शुक्र ग्रह 31 मई को अस्त हुआ था और 10 दिन बाद फिर यानी 9 जून, मंगलवार को उदय हुआ है। ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि जिस समय शुक्र ग्रह उल्टी चाल में होता है तो ज्यादा शक्तिशाली हो जाता है। शुक्र ग्रह का राशि परिवर्तन जिन राशियों पर असर डालेगा, उनमें शामिल हैं- मेष, वृषभ, मिथुन, कर्क और सिंह।

ज्योतिषाचार्य विनोद रावत के अनुसार ग्रहों के प्रभाव से कुछ लोगों का अच्छा समय शुरू हो जाएगा तो कुछ की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। इस महीने मेष, वृष, कर्क, तुला, वृश्चिक, धनु और मीन राशि वालों को धन लाभ हो सकता है। इनके अलावा मिथुन, सिंह, कन्या, मकर और कुंभ राशि वाले लोगों को पूरे महीने संभलकर रहना होगा। विवाद की स्थिति भी बन सकती है। तनाव और धन हानि की भी संभावना है।

सिंह राशि: इस राशि वालों के लिए समय बहुत शुभ चल रहा है। पुराने विवाद सुलझेंगे। कोर्ट कचहरी की झंझट खत्म होगी। अचानक कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है। इस समय सिंह राशि वाले माथे पर लाल तिलक लगाएं।

कर्क राशि: इस राशि वालों के लिए धन लाभ के योग हैं। परिवार में मधुरता रहेगी। सारे भाई बहन मिलकर रहेंगे। ज्योतिष की सलाह है कि कर्क राशि वाले इस समय चावल पीसकर माथे पर तिलक लगाएं।

मिथुन राशि: मिथुन राशि वाले सुखमय जीवन जी रहे हैं। सेहत अच्छी है। पुराने रोग मिट रहे हैं। इस समय दही का तिलक लगाएं, किस्मत चमक सकती है।

वृषभ राशि: वृषभ राशि वालों की आय बढ़ सकती है। नौकरी में प्रमोशन मिल सकता है। बिजनेस में उन्नति हो सकती है। नई नौकरी मिलने के आसार हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। शुक्र ग्रह की स्थिति का अधिक से अधिक फायदा उठाने के लिए तुलसी पौधे के सामने घी का दीपक जलाएं भाग्य उदय होगा।

मेष राशि: इस राशि वालों के लिए आर्थिक लाभ के योग बन रहे हैं। परिवार में सभी के बीच प्यार रहेगा। पति या पत्नी के साथ अच्छा समय बिताएंगे। गुलाब का इत्र लगाएं फायदा होगा।

अस्त होते ही रुक गए थे मांगलिक कार्यक्रम

भौतिक सुखों का दाता शुक्र ग्रह के अस्त होते ही विवाह सहित सभी प्रकार के मांगलिक कार्य बंद हो गए थे। ज्योतिषाचार्यों ने कहा था कि शुक्र ग्रह 31 मई को पश्चिम दिशा में शाम 7ः16 बजे अस्त हो गए। इनका उदय 8 जून को पूर्व दिशा में तड़के 5ः23 बजे होगा। इस बीच एक सप्ताह के लिए शुक्र ग्रह के अस्त होने तक विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश, निर्माण कार्य प्रारंभ करना शास्त्र सम्मत नहीं रहता है। इस दौरान प्राकृतिक आपदा के साथ आंधी-बारिश के योग बनेंगे। करीब एक सप्ताह के बाद शुक्र ग्रह का उदय होने के बाद अब मांगलिक कार्य हो सकेंगे। ज्योतिषाचार्य पं. रामगोविंद शास्त्री के अनुसार, गुरु एवं शुक्र ग्रह के उदय व अस्त होने के आधार पर ही शुभ कार्य किए जाते हैं।

कहां कौन ग्रह रहेगा

  • सूर्यः ग्रहों का राजा सूर्य अभी वृष राशि में है। ये ग्रह 15 जून को मिथुन राशि में प्रवेश करेगा।
  • चंद्रः चंद्र दो जून को तुला में पहुंच गया। चार जून को दोपहर में वृश्चिक राशि में चला जाएगा। इसके बाद हर ढाई दिन में चंद्र अपनी राशि बदलेगा।
  • मंगलः मंगल भी अभी कुंभ राशि में है, जो 18 जून को मीन राशि में जाएगा।
  • बुधः बुध ग्रह मिथुन राशि में है, जो 18 जून को वक्री हो जाएगा।
  • गुरुः देवगुरु बृहस्पति मकर राशि में वक्री हैं। 29 जून को ये ग्रह वक्री रहते हुए धनु राशि में चला जाएगा।
  • शुक्रः ये ग्रह अभी वक्री चाल चल रहा है। 25 जून को मार्गी हो जाएगा।
  • शनिः राहु-केतु-शनि मकर राशि में वक्री रहेगा। राहु मिथुन और केतु धनु राशि में रहेगा।

शुक्र ग्रह के अस्त-उदय होने से राशियों पर ऐसे पड़ता है असर

ज्योतिषियों के अनुसार, शुक्र के अस्त होने से महंगाई बढ़ती है। चावल, दूध, दही, घी में तेजी का रुख रहता है। जिन लोगों की लग्न पत्रिका में ग्रह योग कारक या राशि स्वामी है, उनके कार्य बनते-बनते रुक जाते हैं और उन्हें मानसिक पीढ़ा का सामना भी करना पड़ता है। जिन जातकों की पत्रिका में शुक्र अकारक ग्रह है, उनके लिए शुक्र अस्त का समय कार्य सिद्धि योग बनाता है। उनके बिगड़े हुए काम बनते हैं।

Posted By: Arvind Dubey

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