August 2021 Vrat Tyohar हिन्दू धर्म में श्रावण का महीना बहुत खास माना जाता है, यह माह 25 जुलाई 2021 से दस्तक दे चुका है, जो अगले माह 22 अगस्त तक जारी रहेगा। ऐसे में सावन मास के अलावा अगस्त माह में हिन्दू धर्म के कुछ बहुत ही खास त्यौहार दस्तक देने वाले हैं, जो अपने आप में काफी महत्व रखते हैं। इन त्योहारों में रक्षाबंधन, हरियाली तीज, कृष्ण जन्माष्टमी, सावन शिवरात्रि, नागपंचमी, एकादशी जैसे कई बड़े पर्व शामिल हैं। चलिए जानते हैं अगस्त माह में पड़ने वाले इन खास त्योहारों के बारे में विस्तार से..

कामिका एकादशी व्रत 2021

अगस्त माह में आने वाले त्योहारों में सबसे पहले कमिका एकादशी दस्तक देने जा रही है। यह एकादशी 4 अगस्त 2021, बुधवार को पड़ रही है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। ऐसा माना जाता है कि इस व्रत को करने से जीवात्मा को पाप से मुक्ति मिलती है और जातक की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। तिथि की अगर बात करें तो यह व्रत हर वर्ष सावन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को पड़ता है। इस व्रत की कथा सर्वप्रथम मुनि वशिष्ठ ने राजा दिलीप को और श्रीकृष्ण ने धर्मराज युधिष्ठिर को सुनाई थी। इससे उन्हें पापों से मुक्ति मिली व मोक्ष का मार्ग प्राप्त हुआ।

प्रदोष व्रत 2021

आने वाले अगस्त माह में सावन का पहला प्रदोष व्रत दस्तक देने जा रहा है। यह व्रत 5 अगस्त 2021 दिन गुरूवार को पड़ रहा है। बता दें कि हर माह 2 प्रदोष व्रत पड़ते हैं। कृष्ण पक्ष की प्रदोष व्रत में भगवान शिव की आराधना की जाती है, उनका व्रत रखकर भक्त सौभाग्य, संतान व सुख-समृध्दि की कामना करते हैं।

शिवरात्रि 2021

आने वाले माह अगस्त में सावन का सबसे महत्वपूर्ण त्योहार, शिव भक्तों के लिए बेहद ही खास सावन शिवरात्रि का पर्व दस्तक देने जा रहा है। यह व्रत 6 अगस्त 2021 दिन शुक्रवार को पड़ रहा है। अगर इसके पूजा मुहूर्त की बात करें तो निशिता काल पूजा 7 अगस्त 2021 दिन शनिवार की सुबह 12ः06 बजे से आरंभ होगा और इसका समापन 7 अगस्त 2021 दिन शनिवार की सुबह 12ः48 बजे होगा। इस दौरान पूजा की अवधि केवल 43 मिनट की ही रहेगी। सावन शिवरात्रि व्रत पारण मुहूर्त पर एक नजर डालें तो यह 7 अगस्त 2021 दिन शनिवार की सुबह 5ः46 बजे से दोपहर 03ः45 बजे तक रहेगा।

हरियाली तीज 2021

सावन का महीना हरियाली से सराबोर रहता है और जब धरती पर चारों ओर हरियाली होती है तब हरियाली तीज व्रत रखा जाता है। यह सावन माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को रखा जाता है, जो इस बार 11 अगस्त 2021 दिन बुधवार को दस्तक देने जा रहा है। इसमें सुहागिन महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं और सोलह श्रृंगार करके अपने सुहाग की लंबी उम्र की कामना करती हैं।

नाग पंचमी 2021

सावन माह में नागपंचमी का पर्व बेहद ही खास माना जाता है और यह पूर्ण रूप से भगवान शिव से संबधित है। सावन माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि यानी 13 अगस्त 2021 दिन शुक्रवार को नागपंचमी मनाई जाएगी। इस खास तिथि पर भक्त उपवास रखकर शाम के समय नागों की पूजा करते हैं। इस दिन चांदी, सोना, लकड़ी मिट्टी की कलम व हल्दी चंदन की स्याही से पांच फन वाले नाग बनाए जाते हैं। फिर उन्हें दूध, दही, पंचामृत, खीर, कमल आदि से उनकी पूजा की जाती है।

श्रावण पुत्रदा एकादशी 2021

श्रावण शुक्ल पक्ष की एकादशी को पुत्रदा एकादशी भी कहा जाता है। यह एकादशी आने वाले माह 18 अगस्त 2021 दिन बुधवार को दस्तक देने जा रही है। इस व्रत को मुख्य रूप से पुत्र प्राप्ति के लिए महिलाओं द्वारा रखा जाता है, इस वजह से इस व्रत का नाम पुत्रदा एकादशी व्रत पड़ा है।

ओणम पर्व 2021

दक्षिण भारत का सबसे प्राचीन व पारंपरिक पर्व ओणम, 21 अगस्त 2021 दिन शनिवार को दस्तक देने जा रहा है। इस पर्व को मुख्य रूप से केरल में 10 दिनों तक मनाया जाता है। इस दौरान कई पारंपरिक कार्यक्रम होते हैं। खासकर सभी पुरूष खुद को चीते के रंग में रंगते हैं एवं सड़कों पर नृत्य करते हुए नजर आते हैं। इसे प्ले ऑफ द टाइगर के नाम से भी जाना जाता है।

रक्षाबांधन 2021

रक्षाबंधन का पर्व हिन्दू धर्म में बेहद ही महत्वपूर्ण माना गया है। यह हर साल सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस वर्ष यह पवित्र त्योहार 22 अगस्त 2021 दिन रविवार को पड़ रहा है। हालांकि पूर्णिमा तिथि 21 अगस्त की शाम से ही शुरू हो जाएगी। आपको जानकारी के लिए बता दें कि पूर्व में ब्राह्मण, यजमानों को रक्षा सूत्र बांधकर ईश्वर से उनकी दीर्घायु और सुख-संपन्नता की कामना करते थे। लेकिन आज के समय यह पर्व भाई-बहनों के बीच रक्षासूत्र से लेकर जुड़ा हुआ है। इस दौरान बहन अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उसकी लंबी उम्र की कामना करती है तो भाई उसकी जीवन भर रक्षा करने का वादा करता है।

जन्माष्टमी 2021

आने वाले माह अगस्त में जन्माष्टमी भी दस्तक देने जा रही है। यह भाद्रपद माह के अष्टमी तिथि को पड़ रही है। 30 अगस्त 2021 दिन सोमवार को कृष्ण कन्हैया के सबसे बड़े पर्व जन्माष्टमी मनाई जाएगी। इस दिन मध्यरात्रि में सभी श्रध्दालु कन्हैया के बाल स्वरूप की कथा सुनते हैं, मटकी, बांसुरी आदि से कृष्ण जी के झूले को सजाते हैं एवं उनकी बाल कथाओं को सुनकर उनके आगमन का इंतजार करते हैं।

Posted By: Arvind Dubey