Basant Panchami 2023। हिंदू धर्म में बसंत पंचमी पर्व का विशेष महत्व है। बसंत पंचमी का पर्व हर साल माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। इस पर्व को बसंत ऋतु के आने का सूचक माना गया है और पूरे भारत में बसंत ऋतु के आने का स्वागत किया जाता है। इस विशेष दिन देवी सरस्वती की पूजा की जाती है और उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। इस वर्ष बसंत पंचमी पर्व 4 शुभ योगों में मनाया जाएगा और इस दौरान देवी सरस्वती का पूजन करने वाले जातकों को सकारात्मक परिणामों की प्राप्ति होगी। यहां जानें बसंत पंचमी पर बनने वाले 4 शुभ योगों के बारे में -

शिव योग

बसंत पंचमी के सबसे पहला शिव योग निर्मित हो रहा है। हिंदू पंचांग में शिव योग का विशेष महत्व है। ज्योतिष के मुताबिक 9वें भाव के स्वामी 10वें भाव में और 10वें भाव के स्वामी आपके 5वें भाव में स्थित हो। इस योग का निर्माण 26 जनवरी 2023 की सुबह 03.10 मिनट पर होगा जो दोपहर 03.29 मिनट तक रहेगा।

सिद्ध योग

ज्योतिष के अनुसार दिन, तिथि और नक्षत्र के मिलने पर सिद्ध योग निर्मित होता है और बसंत पंचमी के दिन इस योग का आरंभ शिव योग की समाप्ति के साथ ही हो जाएगा, जो पूरी रात रहेगा। सिद्धि योग के तहत किए गए किसी भी कार्य से शुभ परिणामों की प्राप्ति होती है।

रवि योग

रवि योग तब बनता है, जब चंद्रमा सूर्य से 4 नक्षत्रों की दूरी पर होता है। इस योग में किया जाने हर काम सूर्य देव के आशीर्वाद से होता है। 26 जनवरी 2023 के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ रवि योग भी बनने जा रहा है जो कि शाम 06.57 मिनट से अगले दिन सुबह 07.12 मिनट तक रहेगा।

सर्वार्थ सिद्धि योग

ज्योतिष में सर्वार्थ सिद्धि योग का भी विशेष महत्व है। इस योग में व्यक्ति की समस्त मनोकामनाओं को पूरा करने के साथ-साथ सभी कार्यों में सफलता प्रदान करने की क्षमता होती है। यह योग बसंत पंचमी को शाम 06.57 मिनट से लेकर अगली सुबह 07.12 मिनट तक रहेगा।

डिसक्लेमर

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Posted By: Sandeep Chourey

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