Chaitra Navratri 2021: चैत्र मास की प्रतिपदा से प्रारम्भ नौ दिनों की रात्रि चैत्र नवरात्रि के रूप में मनाई जाती हैं। कहा जाता है इसी दिन संवत्सर भी प्रारम्भ हुआ था तथा श्रृष्टि का प्रादुर्भाव भी इसी दिन माना जाता है। ब्रह्मा ने श्रृष्टि का निर्माण इसी दिन किया था अर्थात फाल्गुन में विलयी श्रृष्टि से नवीन श्रृष्टि की कल्पना इसी दिन से प्रारम्भ होती है। इंदौर के ज्योतिषी पंडित गिरीश व्यास ने बताया कि वर्ष में चार नवरात्री होती हैं- चैत्र, माघ, आश्विन, आषाढ़। इसमें चैत्र नवरात्रि को तंत्र-मंत्र-यंत्र के लिए विशेष स्थान दिया गया है। इस नवरात्रि में कई मनीषीगण साधना, ध्यान, तपस्या, प्रयोगादि के लिए इस नवरात्रि की प्रतिक्षा सदा किया करते हैं।

संसार में तीन रात्रियों का उल्लेख हमें सप्तशती में प्राप्त होता है। यथा- कालरात्रिर्महारात्रिर्मोहरात्रिश्च दारूणा। नवरात्रियों को मोहरात्रि कहा जाता है, अर्थात् महामारी से मुक्ति समस्त रोगों से मुक्ति एवं उनके भय से मुक्ति पराम्बा भगवती के सानिध्य से ही हमें प्राप्त होता है। इसलिए प्रत्येक तीन मास में भगवती की आराधना अर्चना, पूजा, ध्यान, प्रयोग किए जाते हैं तथा महर्षियों की निधि भी पराम्बा के रूप में नवरात्रि के प्रयोग से उन्हें प्राप्त होती है।

इसी मास की प्रतिपदा के दिन विक्रम ने शकों पर विजय प्राप्त की थी। इस वर्ष हिन्दू नववर्ष 2078 का प्रारम्भ चैत्रशुक्ल प्रतिपदा 13 अप्रेल 2021 मंगलवार गुड़ी पडवा से होगा। इस वर्ष के राजा मंगल होंगे एवं मंत्रालय भी इन्हीं के पास होगा तथा रक्षा मंत्रालय शीतलता को धारण करने वाले ग्रह चन्द्र के पास होगा तथा वित्तकोष देवगुरु ब्रहस्पति के पास होगा। इस वर्ष चोर लुटेरों पर पुलिस का कड़ा शिकंजा लगा रहेगा, प्रतिद्वंद्वी हारेंगे।

महामारी का प्रकोप बढ़ने के साथ साथ कई लोगों के जीवन में नया संचार होगा तथा सभी वस्तूएं सुलभ होती चली जाएंगी। मंगल राजा होने से नव संवत्सर मंगलकारी साबित होगा। कई राशियां जैसे मेष, मिथुन, सिंह, धनु और कुंभ राशि वालों के लिए यह संवत्सर नए व्यापार, विचार, नौकरी में खासा फायदा पहुंचाएगा।

वृषभ, कर्क, कन्या, तुला, वृश्चिक राशि वालों को गृहकार्य में वृद्धि देगा एवं दाम्पत्य सुख एवं मकान, वाहन, में बढ़ोतरी देने वाला होगा। यह वर्ष कठिन समय में सरकार को साथ देगा तथा साथ-साथ नवीन योजनाओं का लाभ देश की जनता को पूर्ण रूप से प्राप्त होगा। इस वर्ष कठिन समय से डरने की आवश्यक्ता नहीं है, इससे लड़ने की आवश्यकता है।

Posted By: Arvind Dubey

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