Chandra Grahan 2020: चंद्र ग्रहण का मानव जीवन पर असर होता है इसलिए हमारे धर्मशास्त्रों में चंद्र ग्रहण के समय कुछ खास ऐहतियात बरतने की सलाह दी गई है। शास्त्रोक्त नियमों का पालन कर पृथ्वीवासी चंद्र ग्रहण के दुष्प्रभाव से बच सकते है। विज्ञान और शास्त्र दोनों के अनुसार चंद्र ग्रहण का असर धरती पर उपस्थित वनस्पतियों से लेकर जीव-जन्तुओं सभी पर होता है, लेकिन इसका बच्चों और गर्भवती महिलाओं पर ज्यादा असर होता है। इसलिए इन दोनों को ज्यादा सावधानी इस दौरान बरतना चाहिए, जिससे की ये ग्रहण के दुष्प्रभावों से बच सके।

चंद्र ग्रहण में रखें ये सावधानियां

चंद्र ग्रहण प्रारंभ से 12 घंटे पहले ग्रहण का सूतक शुरू हो जाता है। इस दौरान पृथ्वी पर चंद्रमा का विशेष प्रभाव पड़ता है, इसलिए इस दौरान होने वाले दुष्प्रभाव से बचने की सलाह शास्त्रों में दी गई है। चंद्र ग्रहण के सूतक काल के दौरान शमशान घाट या ऐसी भूतहा जगह जैसे खंडहर या सूनसान मकान आदि से या उनके नजदीक से ना गुजरें, क्योंकि ऐसे समय बुर् प्रभाव वााली शक्तियां काफी ज्यादा सक्रिय होती है, जो आपको ऊपर खराब प्रभाव डाल सकती है और आपके प्रेतात्मा के शिकार होने की संभावना हो सकती है।

ग्रहण के दौरान खाद्य सामग्रियां हो जाती है प्रदूषित

चंद्र ग्रहण के सूतक काल लगने के साथ ही घर में मौजूद पकाई गई खाद्य सामग्रियां भी दूषित हो जाती है, इसलिए इस दौरान कुछ भी खाने-पीने की मनाही की जाती है। सूतक काल के दौरान शयन का भी निषेध है, लेकिन बच्चों, वृद्धों और बीमार लोगों पर यह नियम लागू नहीं होते है। यानी वह सो सकते हैं । सूतक काल के वक्त तुलसी दल को तोड़ना और स्पर्श करना दोनों की मनाही होती है। इस दौरान देवी -देवताओं की मूर्तियों का भी स्पर्श नहीं करना चाहिए। सूतक काल के दौरान ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए। नहीं तो इस दौरान गर्भधारण होने पर जन्म लेने वाले बच्चे के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव देखने को मिलता है।

Posted By: Yogendra Sharma

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Ram Mandir Bhumi Pujan
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