Chhath 2022: लोक आस्था के महापर्व छठ के दूसरे दिन शनिवार को छठव्रतियों ने खरना किया। इसके लिए रोटी एवं खीर का प्रसाद बनाया गया। खरना के दिन छठव्रतियों ने गंगा स्नान किया, उसके बाद नदी तट स्थित मंदिरों में पूजा-अर्चना की गई। कुछ व्रतियों ने गंगा के घाट पर एवं कुछ ने अपने घरों में खरना का प्रसाद बनाया। रविवार को अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को अर्घ्य प्रदान किया जाएगा। सोमवार की सुबह उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही लोक आस्था का चार दिवसीय महापर्व छठ संपन्न हो जाएगा। रविवार को पटना में सूर्यास्त पांच बजकर 10 मिनट पर होगा। वहीं, सोमवार को सूर्योदय पांच बजकर 57 मिनट पर होगा। अर्घ्य की तैयारी काफी श्रद्धा एवं उत्साह से की जा रही है। शनिवार को दिनभर फल बाजारों में रौनक रही। रविवार को नई साड़ी एवं धोती में छठव्रती अर्घ्य देंगे।

खरना को लेकर उमड़ी आस्‍था

खरना को लेकर शनिवार की सुबह से ही राजधानी के गंगा तट पर व्रतियों की भीड़ जुटने लगी थी। दिन चढ़ने के साथ व्रतियों की भीड़ भी बढ़ती चली गई। गंगा के घाटों पर काफी संख्या में व्रती पहुंचे। दीघा घाट के आसपास रहने वाली महिला व्रती पैदल ही परिवार के अन्य सदस्यों के साथ नदी के तट पर पहुंच रही थी। इस दौरान वे छठी माई की गीत गा रही थीं।

आम की दातुन से धोया मुंह

गंगा तट पर पहुंचने पर सबसे पहले व्रतियों ने आम की दातुन से मुंह धोया। उसके बाद नदी के पानी में स्नान करने का सिलसिला शुरू हुआ। दोपहर में नदी में स्नान के दौरान हर-हर गंगे एवं हर-हर महादेव की जय-जयकार से पूरा वातावरण गूंज उठा।

घर बनाई खीर व रोटी

स्नान करने के बाद व्रतियों ने भगवान भास्कर को जल अर्पित किया। इसके बाद तट पर स्थित मंदिरों में व्रतियों ने पूजा-अर्चना की। शाम को घरों में व्रतियों ने रोटी एवं खीर का प्रसाद बनाया। उसके बाद पूजा-अर्चना कर प्रसाद ग्रहण किया। इसके उपरांत परिवार के अन्य सदस्यों ने प्रसाद लिया। यह सिलसिला देर रात तक जारी रहा।

Posted By: Navodit Saktawat

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