Coronavirus Impact on Chaitra Navratri Navami 2020: नवरात्र की अंतिम तिथि नवमी होती है। इस तिथि को माता सिद्धिदात्री की आराधना की जाती है। शास्त्रोक्त मान्यता है कि इस तिथि को माता सिद्धिदात्री की आराधना करने से सभी सिद्धियों की प्राप्ति होती है। लॉकडाउन और कर्फ्यू के चलते माता सिद्धिदात्री की आराधना घर बैठकर की जा सकती है। इस एक दिन की पूजा से नवरात्र की संपूर्ण पूजा का फल भक्त को प्राप्त हो जाता है। माता की आराधना घर के स्थापना स्थल या पूजाघर में बैठकर की जा सकती है।

नौवें दिन होती है देवी की विदाई

नवरात्र के नौवे दिन समापन के अवसर पर देवी की विदाई की जाती है। इस दिन माता की विधिवत पूजा की जाती है। इस वक्त लॉकडाउन की स्थिति में आप घर पर उपलब्ध साधनों से देवी की पूजा कर सकते हैं। माता को इस दिन नौ दिनों तक पूजा करने के बाद अपनी बेटी की तरह विदा किया जाता है। माता को विदाई देते हुए उनको कुमकुम, अक्षत, मेहदी, हल्दी, अबीर, गुलाल, सुगंधित फूल आदि चढ़ाए जाते हैं। माता को हलवा, पंचमेवा, पंचामृत, लाल फल आदि का भोग लगाया जाता है और माता को लाल चुनरी समर्पित की जाती है। माता के कलश के जल को घर में छिड़क दें और बाकी पूजा सामग्री को अभी अपने निवास पर रखें और लॉकडाउन खत्म होने के बाद इसको कहीं बहते हुए जल में विसर्जित कर दें।

देवी की कृपा से मिलती है सिद्धि

नवरात्र के नौवे दिन की देवी माता सिद्धिदात्री अपने भक्तों को अणिमा, महिमा, गरिमा, लघिमा, प्राप्ति, प्राकाम्य, ईशित्व और वशित्व आठ तरह की सिद्धियां प्रदान करती है। । ब्रह्मवैवर्त पुराण के श्रीकृष्ण जन्म खंड में इन सिद्धियों की संख्या अठारह बताई गई है। देवीपुराण के अनुसार महादेव नें इनकी कृपा से ही समस्त सिद्धियों को प्राप्त किया था। मान्यता है कि देवी की कृपा से भोलेनाथ का आधा शरीर देवी को हुआ था। इसलिए उनको ब्रह्माण्ड में अर्द्धनारीश्वर के नाम से जाना जाता है।

Posted By: Yogendra Sharma

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Ram Mandir Bhumi Pujan
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