December 2021 Festival Calendar: साल का आखिरी माह दिसंबर बेहद खास होता है। जहां तापमान में गिरावट होती है। वहीं कई हिंदू त्योहार के साथ क्रिसमस और नया साल मनाया जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ये महीना काफी अहम है। मार्गशीर्ष का हिंदू माह दिसंबर विवाह पंचमी, दत्तात्रेय जयंती, गीता जयंती आदि शुभ दिनों के लिए जाना जाता है। आइए जानते हैं दिसंबर 2021 में पड़ने वाले व्रत और त्योहार के कब है।

प्रदोष व्रत-2 दिसंबर (Pradosh Vrat)

शास्त्रों के अनुसार प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव की पूजा करने से सभी पापों का नाश होता है। साथ ही इस दिन विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने से मनचाहा जीवन साथी मिलता है। प्रदोष व्रत का शुभ मुहूर्त 02 दिसंबर 2021 प्रातः 02.05 मिनट से शुरू होकर 02 दिसंबर 2021 रात्रि 10.56 मिनट पर समाप्त होगा।

विनायक चतुर्थी- 7 दिसंबर (Vinayaka Chaturthi)

विनायक चतुर्थी चंद्र चक्र (शुक्ल पक्ष) की चतुर्थी तिथि को मनाई जाती है। यह व्रत 7 दिसंबर 2021 को रखा जाएगा। इस दिन भगवान गणेश की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

विवाह पंचमी- 8 दिसंबर (Vivah Panchami)

मार्गशीर्ष महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को विवाह पंचमी मनाई जाती है। इस दिन भगवान राम और माता सीता का विवाह हुआ था।

गीता जयंती- 14 दिसंबर (Gita Jayanti)

हिंदुओं की पवित्र पुस्तक श्रीमद् भगवद गीता, मार्गशीर्ष के महीने में एकादशी तिथि शुक्ल पक्ष को अस्तिव में आई थीं। इस साल गीता की 5158वीं वर्षगांठ मनाई जाएगी।

मार्गशीर्ष पूर्णिमा व्रत- 18 दिसंबर (Margashirsha Purnima Vrat)

पूर्णिमा का दिन हिंदूओं के लिए बेहद महत्व रखता है। इस दिन ही सत्यनारायण भगवान की पूजा की जाती है। वह भक्त एक दिन का उपवास रखते हैं।

दत्तात्रेय जयंती- 18 दिसंबर (Dattatreya Jayanti)

मार्गशीर्ष महीने की पूर्णिमा तिथि दत्तात्रेय की जयंती का प्रतीक है। जिन्हें भगवान ब्रह्मा, विष्णु और शिव का अवतार माना जाता है।

अन्नपूर्णा जयंती - 19 दिसंबर (Annapurna Jayanti)

मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन देवी मां के अन्नपूर्णा रूप की पूजा की जाती है। इस दिन दशा महाविद्या- काली, तारा, षोडशी, भुवनेश्वरी, भैरवी, छिन्नमस्ता, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी और कमला की भी पूजा की जाती है।

अखुरथ संकष्टी चतुर्थी- 22 दिसंबर (Akhuratha Sankashti Chaturthi)

अखुरथ संकष्टी चतुर्थी तिथि, कृष्ण पक्ष (चंद्रमा के घटते चरण) पर मनाई जाकी है। इस दिन भक्त व्रत रखते हैं। वह रात में चंद्रमा को देखने के बाद ही इसे तोड़ते हैं।

सफला एकादशी- 30 दिसंबर (Saphala Ekadashi)

भगवान विष्णु के भक्त 30 दिसंबर को सफला एकादशी व्रत का पालन करेंगे। उपवास दशमी तिथि पर मध्याह्र भोजन के बाद शुरू होकर सूर्योदय के बाद द्वादशी तिथि पर समाप्त होगा।

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Posted By: Arvind Dubey