साल का आखिरी महीना दिसंबर, कई मायनों में खास होता है। एक तरफ ठंड बढ़ जाती है, तो दूसरी तरफ छुट्टियों और खूबसूरत मौसम की वजह से ये घूमने-फिरने के लिए बेहतर समय होता है। इस महीने में हिन्दू त्योहारों के साथ-साथ क्रिसमस और नया साल जैसे मौके भी होते हैं, जिसमें सभी मिलजुल खुशियां मना सकते हैं। ज्योतिष के हिसाब से भी ये महीना काफी अहम है, क्योंकि इस महीने में कई ग्रहों की राशियां बदलने वाली हैं। इससे हर किसी के जीवन में कोई ना कोई शुभ योग जरुर बनेगा। तो चलिए पहले आपको बताते हैं कि इस महीने किन ग्रहों का गोचर बदलनेवाला है और कौन का ग्रह किस राशि में प्रवेश करनेवाला है।

मंगल का वृश्चिक राशि में गोचर

मंगल का वृश्चिक राशि में गोचर 5 दिसंबर 2021 को सुबह 5:01 बजे से शुरु होगा, जो 4 जनवरी 2022, सुबह 4:52 बजे तक चलेगा।

शुक्र का मकर राशि में गोचर

शुक्र का मकर राशि में गोचर 8 दिसंबर 2021 को 12:56 AM बजे से शुरु होगा, जो 30 दिसंबर 2021 तक 9:57 AM बजे तक रहेगा। इसके बाद शुक्र ग्रह वक्री अवस्था में धनु राशि में प्रवेश कर जाएगा।

बुध का धनु राशि में गोचर

बुध का धनु राशि में गोचर 10 दिसंबर को सुबह 5 बजकर 53 बजे शुरु होगा, जो 29 दिसंबर को सुबह 11:15 बजे तक चलेगा। उसके बाद बुध मकर राशि में गोचर शुरु होगा।

सूर्य का धनु राशि में गोचर

सूर्य ग्रह 16 दिसंबर 2021 को प्रातः 3 बजकर 28 मिनट पर अपनी मित्र राशि धनु राशि में गोचर करेगा।

अब आपको इस महीने के मुख्य व्रत-त्योहारों के बारे में बता दें। -

मासिक शिवरात्रि (2 दिसंबर, गुरुवार)

महाशिवरात्रि साल में एक ही बार पड़ती है, लेकिन मासिक शिवरात्रि का पर्व प्रत्येक माह में मनाया जाता है। यह बेहद शुभ हिंदू त्योहार होता है और इसे बेहद ही पवित्र माना जाता है। मासिक शिवरात्रि का यह शुभ दिन भगवान शिव और मां पार्वती को समर्पित होता है। यह कृष्ण पक्ष के दौरान प्रत्येक माह के 14 वें दिन पड़ता है। मान्यता है जो कोई भी इस दिन व्रत का पालन करता है ऐसे लोगों को आरोग्य जीवन, भरपूर सुख समृद्धि, और स्वास्थ्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

मार्गशीर्ष अमावस्या (4 दिसंबर, शनिवार)

अन्य अमावस्या तिथि की तुलना में मार्गशीर्ष अमावस्या का विशेष महत्व बताया गया है। यह एक पवित्र अवसर माना जाता है। इस दिन पितरों का कर्मकांड करना, पवित्र नदियों में स्नान करना, अपनी यथाशक्ति के अनुसार दान करना बेहद शुभ फलदाई होता है।

मोक्षदा एकादशी (14 दिसंबर, मंगलवार)

मोक्षदा एकादशी को प्रलोभन का नाश करने वाली एकादशी माना जाता है। कहते हैं जो कोई भी व्यक्ति मोक्षदा एकादशी के व्रत का पालन करता है और इस दिन की विधि पूर्वक पूजा करता है, ऐसे व्यक्तियों के पूर्वजों को उनके कर्मों से मुक्ति मिलती है। यह व्रत हिंदू समुदाय के लोगों के लिए बेहद शुभ माना गया है।

प्रदोष व्रत, शुक्ल पक्ष (16 दिसंबर, गुरुवार)

1 महीने में दो बार मनाया जाने वाला प्रदोष व्रत चंद्र पखवाड़े के 13 वें दिन पड़ता है। यह बेहद पवित्र हिंदू व्रत है और भगवान शिव को समर्पित होता है। कहते हैं इस व्रत को करने से व्यक्ति को मोक्ष प्राप्त होती है और जीवन में सफलता प्राप्त अवश्य होती है।

इसी दिन धनु संक्रांति भी है। हिंदू सौर कैलेंडर के अनुसार धनु संक्रांति से नौवें महीने की शुरुआत मानी जाती है। इसी दिन सूर्य धनु राशि में प्रवेश करता है। इस दिन देश के अलग-अलग हिस्सों में भगवान जगन्नाथ की पूजा की जाती है और विशेष पूजा का आयोजन किया जाता है। भक्त इस दिन योगेश्वर भगवान की पूजा करते हैं और उनका आशीर्वाद लेते हैं।

मार्गशीर्ष पूर्णिमा (19 दिसंबर, रविवार)

मार्गशीर्ष माह के दौरान शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली पूर्णिमा को मार्गशीर्ष पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है। इस दिन लोग व्रत करते हैं और माना जाता है इस व्रत के प्रभाव से व्यक्ति के जीवन में धन धान्य और सुख समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसके अलावा बहुत से लोग इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करते हैं और अपनी यथाशक्ति दान पुण्य करते हैं।

संकष्टी चतुर्थी (22 दिसंबर, बुधवार)

संकष्टी चतुर्थी प्रत्येक माह में मनाया जाने वाला एक पवित्र व्रत होता है। कहा जाता है कि इस दिन जो कोई भी भक्त परम भक्ति, समर्पण और विधान से विघ्नहर्ता भगवान गणेश की पूजा करते हैं उन्हें स्वास्थ्य, धन और जीवन में खुशियों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

सफला एकादशी (30 दिसंबर, गुरुवार)

पौष मास के कृष्ण पक्ष के दौरान आने वाली एकादशी को सफला एकादशी कहते हैं। मान्यता है कि सफला एकादशी का व्रत और उपवास करने से भक्तों को जीवन में सफलता का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

Posted By: Shailendra Kumar