जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धनतेरस का पर्व मनाया जाता है। इस दिन लोग बर्तन और सोना-चांदी से बनी चीजें खरीदते हैं। जिसकी दिवाली वाले दिन पूजा की जाती है। इस दिन इन सामान की खरीददारी करना शुभ माना जाता है। दिवाली से दो दिन पहले आने वाले इस पर्व का खास महत्व है। धनतेरस के दिन भगवान धनवंतरि की पूजा के साथ-साथ यमराज की पूजा भी की जाती है।

शुक्रवार को त्रयोदशी में स्थिर लग्न सुबह 7ः08 बजे से शुरू होकर 26 अक्टूबर को दोपहर में 3ः46 बजे तक रहेगी। इसके होने के कारण इस बीच की गई खरीददारी शुभ और फलदायक होगी। पंडित सौरभ दुबे ने बताया कि इस दिन धनवंतरि पूजन के लिए श्रेष्ठ मुहूर्त प्रदोष काल एवं वृष लग्न शाम 5ः39 बजे से 8ः47 बजे तक रहेगा।

धनतेरस पर राशि अनुसार करें खरीददारी

मेष- चांदी या तांबा के बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक सामान

वृष- चांदी या तांबे के बर्तन

मिथुन- स्वर्ण आभूषण, स्टील के बर्तन, हरे रंग के घरेलू सामान, पर्दा

कर्क - चांदी के आभूषण, बर्तन

सिंह - तांबे के बर्तन, वस्त्र, सोना

कन्या - गणेश की मूर्ति, सोना या चांदी के आभूषण, कलश

तुला- वस्त्र, सौंदर्य या सजावट सामग्री, चांदी या स्टील के बर्तन

वृश्चिक - इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, सोने के आभूषण, बर्तन

धनु - स्वर्ण आभूषण, तांबे के बर्तन

मकर - वस्त्र, वाहन, चांदी के बर्तन

कुंभ- सौंदर्य के सामान, स्वर्ण, ताम्र पात्र, जूता-चप्पल

मीन - स्वर्ण आभूषण, बर्तन

Posted By: Nai Dunia News Network