सावन का महीना कई मायनों में पवित्र और शुभ माना जाता है। ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार सावन के महीने में तन-मन से शिव भक्ति करने से मनचाहा फल मिलता है। अगर आपके जीवन में भी कोई परेशानी या ग्रह बाधा है तो ये समय आपके लिए अच्छा है। सावन के बचे हुए दिनों में विशेष विधि से भगवान शिव का अभिषेक जरूर करें।

सरसों के तेल से करें अभिषेक

जीवन में आ रही तमाम तरह की बाधाओं को दूर करने के लिए भगवान भोलेनाथ का सरसों के तेल से अभिषेक करें। अभिषेक से पहले भगवान शिव के प्रलयंकर स्वरूप का ध्यान करें। इसके बाद तांबे के पात्र में सरसों का तेल भरे और पात्र के चारों ओर कुमकम लगाए। 'ओम भं भैरवाय नम:...' मंत्र का जप करते हुए पात्र के चारों ओर कलावा बांधे। इसके बाद 'ओम नमः शिवाय...' का जप करते हुए लाल फूलों की पंखुड़ियां अर्पित करें। अब सरसों के तेल की पतली धार से शिवलिंग पर रुद्राभिषेक करें। अभिषेक करते हुए 'ओम नाथ नाथाय नाथाय स्वाहा...' मंत्र का जाप करें। अभिषेक के बाद शिवलिंग को शुद्ध जल से धोएं और स्वस्छ वस्त्र से अच्छी तरह से साफ करके षोडषोपचार विधि से पूजन करें।

चने की दाल से अभिषेक

शुभ कार्यों की उन्नति के लिए सावन मास में भगवान शिव का चने की दाल से अभिषेक करें। अभिषेक के वक्त भगवान शिव के समाधी स्थित स्वरूप का ध्यान करें। तांबे के पात्र में चने की दाल भर कर पात्र को चारों ओर से कुमकम का तिलक लगाकर पूजन करें। इसके साथ ही 'ओम यक्षनाथाय नमः' मंत्र का जाप कर पात्र पर कलावा बांधे। इसके बाद अभिषेक करते हुए 'ओम शं शम्भवाय नमः' मंत्र का जाप करें।