मल्टीमीडिया डेस्क। गणेशोत्सव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। घर-घर में गणपति बप्पा की स्थापना 2 सितंबर, सोमवार को होगी और अगले 10 दिन धूमधाम से पूजा होगी। इस गणेशोत्सव पर 14 साल बाद ऐसा संयोग बन रहा है, जिसमें हरतालिका पूजन के पहले भगवान गणेश की मूर्ति स्थापित की जाएगी। शास्त्रों में कई ऐसा उपाय बताए गए हैं, जिन्हें गणेशोत्सव के दौरान किया जाए, तो सारे कष्टों का निवारण हो जाता है। जानिए इसी बारे में -

गणेश चतुर्थी के दिन विधि-विधान से गणेशजी स्थापना करें और अगले 10 दिन गणपति अथर्व शीर्ष का पाठ करें और बप्पा को रोज लड्डुओं का भोग लगाएं। इससे मन चाहा फल प्राप्त होगा। बड़ी संख्या में लोग इन 10 दिनों में गणेश यंत्र की पूजा करते हैं। मान्यता है कि इस यंत्र को घर में रखने से किसी भी प्रकार की बुरी शक्ति प्रवेश नहीं करती है।

गणेश चतुर्थी पर हाथी को हरा चारा खिलाने की बात भी शास्त्रों में लिखी गई है। ऐसा करने से परेशानियों का निदान होता है। गणेशोत्सव के दौरान सुबह स्नान आदि करने के बाद भगवान श्रीगणेश को शुद्ध घी और गुड़ का भोग लगाएं। बाद में वह घी और गुड़ गाय को खिला दें। ऐसा करने से धन की कमी नहीं होती।

यूं तो गणपति बप्पा की हर मूर्ति बहुत सुंदर होती है, लेकिन पीले रंग की गणेश प्रतिमा की स्थापना और पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। हल्दी का लेप लगी हुई जनेऊ भगवान को पहनाएं। पूजा में हल्दी की पांच गठान 'श्री गणाधिपतये नम:' मंत्र का जाप करते हुए चढ़ाएं। 108 दूर्वा पर गीली हल्दी लगाकर के चढ़ाएं।

यदि घर-परिवार में किसी की शादी नहीं हो रही है, तो मान्यता है कि गणेश चतुर्थी पर गणेशजी को मालपुए का भोग लगाएं और व्रत रखें। यदि लड़के की शादी में समस्याएं आ रही हैं, तो वह इस दिन श्रीगणेश को पीले रंग की मिठाई का भोग लगाएं। विवाह के योग जरूर बन जाएंगे।