Happy Pongal 2020: पोगल दक्षिण भारत का परंपरागत रूप से पौराणिक महत्व का पर्व है। पोंगल का अर्थ होता है उबालना। वैसे इसको नया साल भी कहा जाता है। गुड़ और चावल उबालकर सूर्य को समर्पित किए जाने वाले प्रसाद का नाम पोंगल है। पोगल फसलों की कटाई का भी पर्व है। पुरातन काल में द्रविण शस्य उत्सव के रूप में इसको मनाया जाता था। तिरुवल्लुर के मंदिर में प्राप्त शिलालेख में इसका वर्णन मिलता है कि किलूटूंगा राजा पोंगल के अवसर पर जमीन और मंदिर गरीबों को दान करते थे। पोगल के अवसर पर नृत्य और सांड के साथ लड़ाई लड़ने की परंपरा भी थी। जो सबसे शक्तिशाली होता था उसको सुंदर कन्या अपना वर चुनती थी।

सक्कराई पोंगल

पोगल के अवसर पर बनाई जाने वाले पकवानों में सक्कराई पोंगल एक है। सक्कराई पोंगल को चावल, गुड़ और मूंग दाल को मिक्स कर बनाया जाता है। । पोंगल के पहले दिन भगवान इन्द्र को सक्कराई पोंगल का भोग लगाने का विधान है।

पायसम

पायसम एक स्वादिष्ट खीर है, जिसको चावल, दूध और गुड़ से बनाया जाता है। इसमें सूखे मेवे डालने से इसका स्वाद और लाजवाब हो जाता है। पोंगल के दिन इस पकवान का भोग लगाकर इससे मेहमानवाजी की जाती है।

मेदू वड़ा

मेदू वड़ा दक्षिण भारत का एक प्रमुख व्यंजन है, जिसको लोग नाश्ते के रूप में बड़े चाव से खाते हैं। मेदू वड़ा को कई तरह की स्वादिष्ट दालों को मिलाकर बनाया जाता है। इसको सांभर और चटनी के साथ परोसा जाता है।

लेमन राइस

लेमन राइस दक्षिण भारतीय शैली की खास डिश है। इसमें नीबू की खटास से इस डिश का जायका काफी लजीज हो जाता है। लेमन राइस को सांभर और दही के साथ खाने पर इसका स्वाद और ज्यादा बढ़ जाता है।

इडली सांभर

दक्षिण भारतीय खाना-खजाना की समृद्ध परंपरा का हिस्सा है इडली सांभर। इस व्यंजन को चावल और दाल को मिलाकर बनाया जाता है। इस पकवान को दक्षिण भारत में काफी ज्यादा पसंद किया जाता है और इसमें भरपूर पौष्टिकता होती है।

Posted By: Yogendra Sharma

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