हरिद्वार में आगामी महाकुंभ के सफल और शांतिपूर्ण आयोजन के लिए मंगलवार को हर की पैड़ी ब्रह्मकुंड पर गंगापूजन का आयोजन किया गया। इसमें हरिद्वार के तीन संस्कृत महाविद्यालयों से आए 151 आचार्यों ने मंत्रोच्चार और शंखनाद कर मां गंगा की पूजा की। श्री गंगा सभा की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत और 13 अखाड़ों के प्रतिनिधि साधु-संतों ने अपने-अपने स्थान पर कलश, शंख, घंटी एवं पूजन सामग्री के साथ मां गंगा का ध्यान किया।

उत्तराखंड में कोरोना वायरस संक्रमण की बढ़ती रफ्तार के बीच मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि महामारी के बावजूद इस वर्ष का महाकुंभ दिव्य और भव्य होगा। उन्होंने महाकुंभ के लिए हरिद्वार में 153.73 करोड़ रुपये की 31 विकास योजनाओं का भी लोकार्पण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि महाकुंभ 12 साल में एक बार होता है, इसलिए यह भव्य और दिव्य होना चाहिए। लेकिन इसके साथ ही कोविड-19 के दिशानिर्देशों का पालन भी होना चाहिए। आपको बता दें कि महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं को WHO, केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा जारी कोविड-19 के सभी दिशानिर्देशों का पालन करना अनिवार्य है।

कब-कब है शाही स्नान?

  1. 11 मार्च यानी शिवरात्रि के दिन, स्नान से शिव की विशेष कृपा होती है।
  2. 12 अप्रैल, सोमवती अमावस्या के दिन, इन दिन गंगा का जल अमृत माना जाता है।
  3. 14 अप्रैल, दिन बुधवार, मेष संक्रांति और बैसाखी के दिन स्नान से सभी पाप नष्ट होते हैं।
  4. 27 अप्रैल, मंगलवार, चैत्र पूर्णिमा, इसे 'अमृत योग' माना जाता है।

Posted By: Shailendra Kumar

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

Assembly elections 2021
Assembly elections 2021
 
Show More Tags