श्रावण मास की अमावस्या हरियाली अमावस्या कहते हैं। इस दिन सुबह उठकर पूरी भक्ति क साथ मां पार्वती और भगवान शिव का आवाह्न और पूजन करते हैं। सौभाग्यवती महिलाएं सिंदूर चढ़ा कर मां पार्वती की पूजा करती हैं। इस बार 28 जुलाई को हरियाली अमावस्या मनाई जाएगी। ऐसी मान्यता है कि हरे रंग की चूड़ियां पहनने, सिंदूर, बिंदी बांटने से जीवनसाथी को लंबी उम्र मिलती है। पंचांग के अनुसार अमावस्या का आरम्भ 27 जुलाई 2022 बुधवार को रात 8:11 बजे से हो रहा है। अमावस्या 28 जुलाई को रात 10:09 बजे तक रहेगी। चंद्रमा पुनर्वसु नक्षत्र में प्रातः 7:12 तक उसके बाद पुष्य नक्षत्र में रहेंगे। इस तरह से चंद्रमा पूरे दिन रात कर्क राशि में गोचर करेंगे। पंचांग के अनुसार दैनिक योगों में वज्र योग रात्री 7:00 बजे तक इसके सिद्धि का प्रवेश होगा।

हरियाली अमावस्या के दिन बनने वाले 3 विशेष योग

गुरुवार और पूर्णा तिथि अमावस्या के संयोग से गुरु पूर्णा सिद्ध योग सूर्योदय से रात्रि 10:11 तक। सर्वार्थ सिद्धि योग दिन में 07:12 बजे तक और गुरुपुष्य अमृत सिद्धि योग दिन में 07:12 से है। इस दिन सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान आदि से निवृत्त होकर पितरों को प्रसन्न करने के लिए उनका तर्पण ओर श्राद्ध कर्म करना चाहिए। ब्राम्हणों को भोजन कराकर उन्हें दक्षिणा देकर संतुष्ट करना चाहिए।

हरियाली अमावस्या पर पौधे लगाने का विशेष महत्व

हरियाली अमावस्या के दिन पौधे लगाने का भी महत्व है। ऐसी धार्मिक और लौकिक मान्यता है कि हरियाली अमावस्या के दिन पौधे लगाकर उसकी देखभाल कर उसे खाद और पानी देने से पुण्य की प्राप्ति होती है।

इस दिन पीपल और तुलसी की पूजा का विशेष महत्व होता हैं। ज्योतिष के अनुसार स्वास्थ्य के लिए नीम, बच्चों के लिए केला, सुख के लिए तुलसी और लक्ष्मी की प्राप्ति के लिए आंवले के पौधे लगाने की व्यवस्था है। धन की प्राप्ति के लिए तुलसी, आंवला, बेल और केले के पेड़ लगाने चाहिए। सौभाग्य के लिए अर्जुन, अशोक, नारियल और वटवृक्ष के पौधे लगाए जाते हैं। अच्छे स्वास्थ्य के लिए आंवला, पलाश, ब्राह्मी, अर्जुन, तुलसी और सूरजमुखी के पौधे लगाने चाहिए। खुशी प्राप्ति के लिए कदम्ब, नीम तथा छायादार पेड़ वाले पौधे लगाने चाहिए। हरियाली का मतलब है हरा भरा पर्यावरण बिना पेड़ पौधों के हरियाली होगी नहीं इसलिए हरियाली अमावस्या के दिन पौधे जरूर लगाएं। पुत्र प्राप्ति के लिए पौधा अवश्य लगाना चाहिए। शास्त्रों में ऐसा उल्लेख है कि पेड़ पुत्र के समान है। एक पेड़ 10 पुत्रों के बराबर है। जिन्हें पुत्र प्राप्ति की कामना से पौधे लगाने हो वे पीपल के पौधे अवश्य लगाएं।

(ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ त्रिपाठी,छिंदवाड़ा मध्य प्रदेश)

Posted By: Navodit Saktawat

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