चमोली। हिमालय के पांचवें धाम कहे जाने वाले पांचवें धाम हेमकुंड साहिब और लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट गुरुवार को शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। हेमकुंड साहिब और लोकपाल लक्ष्मण मंदिर समुद्रतल से 15,225 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट दोपहर 12 बजे और हेमकुंड साहिब के कपाट दोपहर दो बजे बंद किए जाएंगे। पट बंद होने की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। गुरुद्वारा के कपाट बंद किए जाने से पहले सुबह हुकुमनामा का पाठ किया जाएगा। इसके बाद सबद-कीर्तन और अरदास होगी। दोपहर 12 बजकर 30 मिनट पर अंतिम अरदास के उपरांत पंज प्यारों की अगुआई में गुरुग्रंथ साहिब को दरबार साहिब से बाहर लाया जाएगा। कपाटबंदी के अवसर पर सरदार जनक सिंह और सरदार कुलवंत सिंह के जत्थों के साथ तीन हजार से अधिक श्रद्धालु मौजूद रहेंगे। श्री हेमकुंड साहिब में इस साल रिकॉर्ड 2.80 लाख श्रद्धालुओं ने मत्था टेका। साल 2013 की आपदा के बाद पहली बार इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालु हेमकुंड साहिब पहुंचे हैं।

बद्रीनाथ धाम की चोटियों एवं हेमकुंड साहिब में बर्फबारी हुई है। इससे इन दोनों जगहों पर ठंडक बढ़ गई है। उत्तराखंड में इस बार मानसून की 107 दिन बारिश हुई है। 11 अक्टूबर को राज्य से मानसून की विदाई हो जाएगी। मौसम विभाग ने मानसून की बारिश इस बार सामान्य आंकी है। राज्य में नौ अक्टूबर तक 990.6 मिलीमीटर बारिश हुई जो सामान्य से 16.97 मिलीमीटर कम है। उत्तराखंड में मौसम में लगातार बदलाव हो रहा है। बुधवार को बद्रीनाथ धाम की चोटियों और हेमकुंड साहिब में बर्फबारी हुई। 24 जून को मानसून के उत्तराखंड में प्रवेश करने के बाद एक सप्ताह के दौरान पूरे प्रदेश में सर्वाधिक बारिश 25 सितंबर से दो अक्टूबर के बीच दर्ज की गई। इस अवधि में सभी 13 जिलों में बारिश सामान्य से ज्यादा हुई। राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने कहा कि उत्तर भारत से 11 अक्टूबर को मानसून की विदाई हो जाएगी।