मल्टीमीडिया डेस्क। इंसानी संबंधों की मधुरता से उसके वर्तमान और भविष्य का निर्धारण होता है। संबंधों की बेहतरी से ही कई बार वह सफलता के पायदानों पर अपनी महत्वाकांक्षा को परवान चढ़ाता है। पारिवारिक जीवन की सफलता के लिए घर-परिवार के सगे-संबंधियों से बेहतर रिश्ते होना जरूरी है। कारोबार में सफलता के लिए अपने कस्टमर से अच्छे संबंध मायने रखते हैं। इसी तरह यदि आप जॉब करते हैं तो आपके अपने सहयोगियों से खास रिश्ते होना नौकरी बेहतर चलने की निशानी है, वहीं आपके बॉस से बेहतर संबंध आपके जॉब को नई ऊंचाईयां दिलवाते है। लेकिन ज्योतिषशास्‍त्र के मुताबिक आपकी कुंडली के ग्रहों की स्थिति आपके जॉब की दिशा और दशा को तय करती है।

कुंडली का दसवां भाव उच्च अधिकारियों से आपके संबंधों को निर्धारित करता है। इस भाव में जिस तरह का ग्रह या राशि होगी आपका बॉस उसी प्रकृति का होगा और उससे आपके वैसे ही संबंध रहेंगे। इस तरह के आप अपनी कुंडली के दसवे भाव को देखकर अपने बॉस के स्वभाव और उससे संबंधों का अंदाजा लगा सकते हैं।

यदि कुंडली के दसवे भाव में मेष, सिंह, वृश्चिक, मकर या धनु राशि हो तो जातक के बॉस का स्वभाव काफी तेज यानी वह क्रोधित प्रवृत्ति का होता है।

दसवे भाव में कन्‍या, कुंभ, मीन राशि हो तो जातक का बॉस धीर, गंभीर होता है।

दसवे भाव में कर्क राशि हैं तो बॉस शांत, सहज, सरल स्वभाव का होता है।

दसवे भाव में तुला, वृष, मिथुन राशि हो तो बॉस आत्ममुग्ध यानी अपनी प्रशंसा सुनने का आदि होता है और ऑफिस में बॉस प्रशंसा करने वाले कर्मचारियों को तरजीह देता है।