भुवनेश्वर। ओडिशा सरकार समुद्र तट के किनारे स्थित धार्मिक नगरी पुरी को विश्व स्तरीय स्वरूप प्रदान करेगी। योजना के तहत आगामी तीन सालों में इस शहर के विकास पर 3,208 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सोमवार को मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की बैठक में इस बात का फैसला किया गया है। कैबिनेट की बैठक के बाद राज्य के मुख्य सचिव असित त्रिपाठी ने मीडिया को कैबिनेट के फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि पुरी में 2019-20 और 2021-22 के बीच तीन वर्षो में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, विरासत और वास्तुकला के विकास (एबीएडीएचए) के तहत 3,208 करोड़ रुपया खर्च करने का फैसला मीटिंग में लिया गया है। पुरी में विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर है जिसके दर्शनों के लिए देश-विदेश से लोग आते हैं। पुरी में विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा का भी आयोजन किया जाता है।

इसके अंतर्गत भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के लिए अलग-अलग रथ बनाए जाते हैं, जिसको भगवान जगन्नाथ के भक्त रस्सियों के सहारे खींचते हैं। पौराणिक मान्यता है कि रथ खींचने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस कारण रथयात्रा के दौरान पुरी में देश-विदेश के भक्तों की काफी भीड़ जुटती है। इसी तरह से पुरी गोर्वधन पीठ के संचालन का अधिकार अब जगतगुरू शंकराचार्य के पास होगा। इसका संचालन अब हिदू देवोत्तर अधिनियम के अनुसार नहीं किया जाएगा। अब यह मठ सरकारी नियंत्रण से मुक्त रहेगा। गौरतलब है पुरी का जगन्नाथ मंदिर कई अदभुत रहस्यों को अपने में समाए हुए है। इसलिए श्रद्धालुओं के लिए यह आस्था के साथ कौतुहल का विषय भी है।

Posted By: Yogendra Sharma