Bhopal News: भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। मोक्षदा एकादशी पर रविवार को भगवान विष्णु का विशेष पूजन हुआ। साथ ही गीता जयंती भी मनाई गई। तुलादान सहित शहर में कई कार्यक्रम आयोिजित हुए। श्री बांके बिहारी लाल जी मार्कण्डेय महाराज मंदिर चौबदारपुरा तलैया में मोक्षदा एकादशी वह श्री भगवत गीता जयंती पर्व पर गीता जी का पूजन कर पंद्रह अध्याय पाठ हुआ। अन्य मंदिरों में भी एकादशी व गीता जयंती पर धार्मिक कार्यक्रम हुए।

इस्कान मंदिर में हुआ तुलादान

इस्कान भेल बरखेड़ा भोपाल द्वारा गीता जयंती पर सुबह से शाम तक अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित हुए। इस दौरान संपूर्ण भगवत गीता पाठ, कीर्तन, प्रवचन, तुलादान व महाप्रसाद का वितरण किया गया। गीता तुलादान कार्यक्रम में एक तरफ भागवत गीता ग्रंथ की प्रतियां रखी गईं। दूसरी ओर एक बच्चे को बैठाया गया। इस तरह तुलादान कर गीता का वितरण किया गया। इस्कान भेल के दीनदयाल हरिदास ने बताया कि भगवत गीता तुलादान कार्यक्रम में 10 लोगों ने भाग लिया। जिसमें उनके वजन के बराबर 500 भगवत गीता दान की गई। कार्यक्रम में लगभग 1100 भगवत गीता वितरित हुईं।

मनुष्य को अपनी आत्मा को पहचानना चाहिए

धर्म अध्यात्म समाज सेवा संस्कार समिति द्वारा गीता जयंती महोत्सव का आयोजन शंकर नगर में किया गया। इसमें कथावाचक महाराज वैभव भटेले ने गीता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जीवन एक जंग है जिसे जीतना है तो मनुष्य को अपनी आत्मा को पहचानना चाहिए। यही गीता ज्ञान है, यही शौक और संसार की आसक्ति से मुक्ति का उपाय है। इस अवसर पर पं. रूपनारायण शास्त्री, मंजू सक्सेना, हरिशंकर सिंह समेत अन्य मौजूद थे।

गीता को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित करने की मांग

परम शक्ति सेवा समिति द्वारा उदासीन आश्रम मरघटिया महावीर मंदिर शाहजहानाबाद में गीता जयंती मनाई। इस अवसर पर भागवत गीता, भगवान कृष्ण, गौमाता की पूजा अर्चना की गई। इसमें महंत कन्हैयादास उदासीन, महंत लोकनाथ योगी, पंडित गंगाप्रसाद आचार्य समेत अन्य ने गीता के महत्व पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर गीता प्रेमियों ने गीता प्रचार प्रसार करने के लिए प्रत्येक तीन महीने में पांच दिवसीय दिवसीय गीता शिविर लगाने का निर्णय लिया। कार्यक्रम दौरान भगवत गीता को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित करने की मांग भी की।

Posted By: Lalit Katariya

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