Makar Sankranti 2020: सूर्य आराधना का पर्व मकर संक्रांति इस साल 15 जनवरी बुधवार को मनाया जाएगा।इस दिन सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण होगा। इसलिए इस दिन का खास शास्त्रोक्त महत्व है। सूर्य 14 जनवरी की रात्रि 2 बजकर 7 मिनट पर मकर राशि में प्रवेश करेगा। मकर अग्नि तत्व की राशि है और सूर्य देर रात इसमें गोचर करेगा इसलिए मकर संक्रांति 14 की बजाय 15 को मनाई जाएगी।

मकर संक्रांति को करें यह काम

मकर संक्रांति के दिन गंगा स्नान करने का बड़ा पौराणिक महत्व है। श्रद्धालु दूर-दराज से गंगा के तटों पर स्नान के लिए पहुंचते हैं। इसके अलावा इस दिन पवित्र नदियों, सरोवरों और कुंडों में स्नान करने का महत्व है। नहीं तो घर पर गंगाजल स्नान के जल में मिलाकर स्नान कर सकते हैं। स्नान के पश्चात सूर्य आराधना करें। सूर्य उपासना से सभी मनोकामनाओं पूरी होती है।

इसके साथ ही महादेव, श्रीहरी और देवी लक्ष्मी की पूजा करें। इस दिन दान पुण्य का विशेष महत्व है। गरीबों को यथाशक्ति कपड़ों और अन्न का दान करें। तिल के दान का इस दिन ज्यादा महत्व है। मकर संक्रांति के दिन झाड़ू खरीद कर लाने से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है। बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लें और उनका आदर,सम्मान करें। इस दिन सोने-चांदी के गहनों को निकालकर उनको गंगाजल या शुद्ध जल से धोएं उनके ऊपर हल्दी लगाएं। इससे धन की वृद्धि होगी। ब्राह्मणभोज का आयोजन करें और भोजन में खिचड़ी को शामिल करें। ब्राह्मणों और निर्धनों को दान दें।

मकर संक्रांति पर क्या न करें

मकर संक्रांति दान, धर्म और दया का त्यौहार है इसलिए इस दिन किसी को भी अप्रिय शब्द न बोलें। सभी से आदरपूर्वक बात करें और सम्मान दें। पेड़-पौधों को नुकसान न पहुंचाए और इस दिन हरी सब्जियों, फल आदि का सेवन न करें। किसी भी तरह की फूल-पत्तियों को न तोड़ें। तुलसी को छुए भी नहीं। बड़े-बुजुर्गों का सम्मान करें, इससे भगवान सूर्य और शनिदेव की कृपा प्राप्त होती है। इस दिन काले रंगों से परहेज करें और काले कपड़ों को न पहनें। शराब, मांसाहार आदि का सेवन न करें। दान देते समय इस बात का ख्याल रखें की उस समय कोई दुर्भावना मन में न आए। नहीं तो दान व्यर्थ चला जाता है। किसी भी व्यक्ति को बासी भोजन दान न करें।

Posted By: Yogendra Sharma

fantasy cricket
fantasy cricket