Makar Sankranti 2021: मकर संक्रांति पर्व गुरुवार (14 जनवरी) को मनाया जाएगा। कोरोना महामारी के बावजूद श्रद्धालुएं का उत्साह कम नहीं है। धर्म के प्रति समर्पण भाव रख कल्पवासी मेला क्षेत्र में पहुंच रहे हैं। माघ मेला में मठों के संत-महात्मा भी जुटे हैं। मेला क्षेत्र में माघी पूर्णिमा तक कल्पवास होता है। बता दें मकर संक्रांति में इस बार शुभ संयोग बन रहा है। पांच ग्रह एक राशि में प्रवेश करेंगे। पुण्य बेला में डुबकी लगाने वाले श्रद्धालुओं को ईश्वर की कृपा प्राप्त होगी।

पराशर ज्योतिष संस्थान के निदेशक आचार्य विद्याकांत पांडेय ने बताया कि पौष शुक्लपक्ष प्रतिपदा तिथि गुरुवार सुबह 9:36 बजे तक रहेगी। इसके बाद दूसरी तिथि लगेगी। सूर्य दिन में 2:37 बजे धनु से मकर राशि में प्रवेश करेंगे। इससे भगवानों का दिन और राक्षसों की रात्रि की शुरुवात होगी। आचार्य ने कहा, श्रवण नक्षण में सूर्य के प्रवेश होने से ब्रज योग व बव करण का संयोग बन रहा है। इससे मनुष्यों में आरोग्यता और देशों के राष्ट्र अध्यक्षों के बीच प्रेम में वृद्धि होगी। साथ में अत्र की उपज भी अच्छी होगी।

ज्योतिष देवेंद्र प्रसाद ने बताया कि मकर संक्रांति पर मकर राशि में सूर्य के अलावा चंद्रमा, शनि, बुध व गुरु ग्रह एक साथ होंगे। मकर जल की राशि है, पांच ग्रहों एक होने के योग काफी कल्याणकारी है। उन्होंने आगे कहा कि धर्म सिंधु, निर्णय सिंधु के मुताबिक एक राशि में चार व पांच ग्रह एक साथ आने से अमृत योग बनता है। ऐसी स्थिति में संगम स्नान से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।

बता दें इस साल मकर संक्रांति में स्नान का मुहुर्त दिन में 2 बजकर 37 मिनट से शाम 5 बजतक 17 मिनट तक है। वहीं इस दिन दान का भी विशेष महत्व होता है।

Posted By: Navodit Saktawat

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