मकर संक्रांति पर इस साल लोग दो तिथियों को लेकर असमंजस में हैं।अपने संशय को दूर करने के लिए यह जान लें कि मकर संक्रांति तब शुरू होती है जब सूर्य देव राशि परिवर्तन कर मकर राशि में पहुंचते हैं। इस बार सूर्य देव 14 जनवरी की दोपहर 2 बजकर 27 मिनट पर गोचर कर रहे हैं‌। सूर्य अस्त से पहले यदि मकर राशि में सूर्य प्रवेश करते हैं, तो इसी दिन पुण्यकाल रहेगा। 16 घटी पहले और 16 घटी बाद का पुण्यकाल विशेष महत्व रखता है। स्वर्ण पदक प्राप्त ज्योतिषाचार्य डा पंडित गणेश शर्मा सीहोर के अनुसार मकर संक्रांति का पुण्यकाल मुहूर्त सूर्य के संक्रांति समय से 16 घटी पहले और 16 घटी बाद का पुण्यकाल होता है। इस बार पुण्यकाल 14 जनवरी को सुबह 7 बजकर 15 मिनट से शुरू हो जाएगा, जो शाम को 5 बजकर 44 मिनट तक रहेगा. ऐसे में मकर संक्रांति 14 जनवरी को ही मनाया जाएगा। इस दिन स्नान, दान, जाप कर सकते हैं। स्थिर लग्न यानि महापुण्य काल मुहूर्त की बता करें तो यह मुहूर्त 9 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक रहेगा।

शुक्रवार 14 जनवरी को मकर संक्रांति है। सूर्य के उत्तरायण का दिन। शुभ कार्यों की शुरुआत। इस दिन नदियों में स्नान और दान का बहुत महत्व बताया गया है। इस दिन से देश में दिन बड़े और रातें छोटी हो जाती हैं। शीत ऋतु का प्रभाव कम होने लगता है। मकर संक्रांति का पौराणिक महत्व भी खूब है। मान्यता है कि सूर्य अपने पुत्र शनि के घर जाते हैं। भगवान विष्णु ने असुरों का संहार भी इसी दिन किया था। महाभारत युद्ध में भीष्म पितामह ने प्राण त्यागने के लिए सूर्य के उत्तरायण होने तक प्रतीक्षा की थी।

मकर संक्रांति का मुख्य उद्देश्य ज़रूरतमंद लोगों को भिन्न-भिन्न वस्तुओं का दान करना, सूर्य की उपासना करना होता है। जब सूर्य देव अपने गोचर भ्रमण के दौरान मकर राशि में प्रवेश करते हैं उस दिन मकर संक्रांति के त्योहार के रूप में जाना और मनाया जाता है। सामान्यतय यह दिन 14 जनवरी को ही आता है

मकर संक्रांति 2022: शुभ मुहूर्त

वैसे तो पुन्याकाल प्रात से सूर्य अस्त तक रहेगा

14 जनवरी, 2022 (शुक्रवार)

मकर संक्रान्ति मुहूर्त

पुण्य काल मुहूर्त: 14:12:26 से 17:45:10 तक

अवधि: 3 घंटे 32 मिनट

महापुण्य काल मुहूर्त: 14:12:26 से 14:36:26 तक

अवधि: 0 घंटे 24 मिनट

संक्रांति पल: 14:12:2

संक्रांत का वाहन बाघ है।।

उपवन घोड़ा है।।

इन वस्‍तुओं का करें दान

दान में काशी का बर्तन , नए बर्तन पीतल, स्टील, इत्यादि।। लोकर का वस्त्र, गर्म कपड़े भी,हल्दी, कुंकू, नारियल, चीनी ,चावल, शक्कर का दान कर सकते हैं।।

यह होगा देश व दुनिया पर असर

दूध , घी, चावल, शक्कर ,मोती ,चांदी ,सफेद चीज महंगी होगी। केसर चंदन हल्दी तुवर दाल चना दाल यह महंगे होंगे। सोना,गरम मसाला,चाय,तंबाकू यह महंगे होंगे। राजकीय स्थिरता रहेगी राजकीय वर्ग में कलह रहेगी। विद्वानों का सत्कार होगा।।

मकर संक्रांति पर दान का महत्व

मकर संक्रांति पर विशेषतौर पर दान क्यों दिया जाता है? इसके पीछे कारण यह है कि मकर राशि के स्वामी शनि देव हैं जो सूर्य को अपना शत्रु मानते हैं। जबकि सूर्य देव शनि को अपना शत्रु नहीं मानते हैं। सूर्य के मकर राशि में प्रवेश होने से शनि प्रभावित होते हैं जिसका सीधा-उल्टा असर जनजीवन पर अवश्य ही पड़ता है। जिन लोगों की कुंडली में शनिदेव की स्थिति अच्छी होती है उनको इसका असर कम देखने को मिलता है,लेकिन इसके विपरीत जिन लोगों की कुंडली में शनि कमज़ोर या दुर्बल स्थिती में होते हैं उनको इसके दुष्परिणाम कार्य घातक दिखाई देते हैं। गरीब एवं मजदूर वर्ग को शनि का कारक माना जाता है जिस वजह से सूर्य एवं शनि से संबंधित वस्तुएं जैसे गुड़, रेवड़ी, खिचड़ी, बाजरा, मूंगफली, कपड़े, कंबल आदि वस्तुओं का दान करना बेहद शुभ और फलदायी होता है। मकर संक्रांति पर इन वस्तुओं का दान करने से सूर्य एवं शनि के शुभ परिणाम प्राप्त किए जा सके लेकिन इस दिन के दान में खिचड़ी का विशेष महत्व माना जाता है क्योंकि खिचड़ी बाजरा, मूंग ,उड़द एवं चावल की बनाई जाती है

मकर संक्रांति 2022: सभी राशियों पर इसका प्रभाव

मेष राशि: यह मकर संक्रांति शुभता का वरदान लाई है। इस दौरान आपको कार्यक्षेत्र में विशेष प्रगति दायक अवसर प्राप्त होने की संभावना प्रबल हैं।

वृषभ राशि: यह संक्रांति आपके लिये शुभ रहने वाली है। इस अवधि में धार्मिक कार्य कल्प आपको अधिक भाग्यवान बनाएंगे।

मिथुन राशि: स्वास्थ्य के लिए यह मकर संक्रंति मिथुन जातकों के लिए प्रतिकूल रहने वाली है। इस अवधि में आपकी सेहत बिगड़ सकती है। स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें।

कर्क राशि: मकर संक्रांति कर्क जातकों के उन लोगों के लिए शुभ रहने वाली है जो व्यवसाय के क्षेत्र से जुड़े हैं। इस दौरान पार्टनरशिप के द्वारा कार्यक्षेत्र में आपको सफलता मिलेगी |

सिंह राशि: सिंह राशि के जातक इस वक़्त विशेष सावधानी रखें क्योंकि यह समय आपके लिए प्रतिकूल रहने वाला है। इस समय अवधि में आपकी अपने परिवार के लोगों या पड़ोसी से अनबन हो सकती है।

कन्या राशि: कन्या जातकों के लिए मकर संक्रांति का यह समय अनुकूल रहने वाला है। इस वक़्त रोमांस में बढ़ोतरी होगी। साथ ही इस राशि के विद्यार्थियों को विशेष लाभ मिलने की भी प्रबल संभावना है।

तुला राशि: इस मकर संक्रांति तुला राशि के जातकों के जीवन में मित्रों के तरफ से चिंता बनी रहेगी। हालाँकि इस दौरान आपको शुभ संदेश मिलने के भी प्रबल योग बन रहे हैं।

वृश्चिक राशि: मकर संक्रांति वृश्चिक जातकों के लिए शुभ एवं मंगलमय समय साबित होगा। सूर्य का राशि परिवर्तन आपके लिए यश कीर्ति बढ़ाने में सहायक साबित होगा।

धनु राशि: मकर संक्रांति धनु राशि शुभ संदेश लेकर आ रही है। इस दौरान आपके धन में वृद्धि होगी। इसके अलावा इस समय अवधि में भविष्य की नई योजनाएं बनेंगी।

मकर राशि:। इस मकर संक्रांति आपके करियर में प्रसिद्धि के योग हैं। इसके अलावा इस समय अवधि में आपके सभी अधूरे कार्य पूरे होंगे।

कुंभ राशि: मकर संक्रांति कुंभ जातकों के लिए ज्यादा अनुकूल नहीं रहने वाली है। इस समय अवधि में आपके धन हानि के योग हैं। अनावश्यक खर्च से बचने की सलाह दी जाती है।

मीन राशि: मकर संक्रांति मीन जातकों के लिए अनुकूल समय साबित होगा। इस दौरान आपके कार्यक्षेत्र में वृद्धि होगी साथ ही आपको हर क्षेत्र में सफलता मिलेगी।

डिसक्लेमर

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Posted By: Navodit Saktawat