रामकृष्ण मुले, इंदौर। चार माह के शयन के बाद भगवान श्रीहरि विष्णु देवउठनी ग्यारस पर 8 नवंबर को जागेंगे लेकिन वैवाहिक आयोजनों का दौर 19 नवंबर से शुरू होगा। इस बार पंचांगों में विवाह के शुद्ध मुहूर्त देवउठनी ग्यारस के 11 दिन बाद दिए गए हैं। हालांकि मतमतांतर के साथ अबूझ मुहूर्त में से एक माने जाने वाले देव प्रबोधनी एकादशी पर भी वैवाहिक आयोजन होंगे। इस वर्ष अब नवंबर में 6 और दिसंबर 2 मुहूर्त सहित कुल 8 मुहूर्त शेष हैं। इसके बाद 15 दिसंबर को गुरु अस्त होने और मलमास लगने से एक माह के लिए वैवाहिक आयोजन एकबार फिर थम जाएंगे। दिसंबर से जनवरी के बीच मलमास और मार्च से अप्रैल के दौरान मीन की संक्रांति के कारण वैवाहिक कार्यक्रम नहीं होंगे। ज्योतिर्विद पं. विजय अड़ीचवाल ने बताया कि इस बार 3 नवंबर बृहस्पति धनु राशि में आएगा। इसके चलते कन्याओं का गुरु बल वृद्धि होने से विवाह में आ रही दिक्कतें दूर होंगी।

होगा तुलसी-शालिगराम विवाह

ज्योतिर्विद पं. विवेक शर्मा के अनुसार चातुर्मास के दौरान चार माह के लिए श्रीहरि विष्णु शयन पर जाते हैं। इसके बाद देव उठनी ग्यारस पर उन्हें निद्रा से जगाया जाता है। इसके साथ ही मुंडन, गृहप्रवेश और विवाह सहित मांगलिक कार्यों की शुरुआत होती है। इस दिन तुलसी शालिगराम विवाह भी किया जाता है। तुलसी विवाह करने से कन्यादान का फल प्राप्त होता है। इस दिन शहर में तुलसीशालिगराम विवाह के कई आयोजन किए जाएंगे।

इस वर्ष अब सिर्फ 8 मुहूर्त शेष

नवंबर 2019 : 19,20,22,23,28,30 सहित 6 मुहूर्त है।

दिसंबर 2019 : 11, 13 सहित दो मुहूर्त है।

अगले वर्ष 2020 में होंगे 52 मुहूर्त

जनवरी : 17, 19, 20, 22, 24, 26, 29, 30 व 31 सहित 9 मुहूर्त हैं।

फरवरी : 3, 5, 9, 10, 16, 19, 20, 21, 26, 27 व 28 सहित 11 मुहूर्त हैं।

मार्च : 1, 2, 8, 11 व 12 सहित पांच मुहूर्त हैं।

अप्रैल : 15, 16, 17, 20, 23, व 26 सहित 6 मुहूर्त हैं।

मई : 3, 4, 6, 7, 10, 17, 18, 20 व 22 सहित 9 मुहूर्त हैं।

जून : 7, 10, 11 व 17 सहित चार मुहूर्त हैं।

नवंबर : 5, 25 व 30 सहित तीन मुहूर्त हैं।

दिसंबर : 1, 7, 8, 9, 11 सहित पांच मुहूर्त हैं।

Posted By: Prashant Pandey