Mauni Amavasya 2023: ग्वालियर. नईदुनिया प्रतिनिधि। माघ महीने में पड़ने वाली अमावस्या को मौनी अमावस्या के नाम से जाना जाता है। इस वर्ष मोनी अमावस्या शनिवार 21 जनवरी 2023 को पड़ रही है जिसे शनिचरी अमावस्या भी कहते हैं।

मौनी अमावस्या का महत्व

मोनी शब्द मुनि शब्द से बना है इस दिन साधु संत मौन रहकर मन और वाणी को संयमित करते थे एवं ईश्वर के ध्यान में लीन होकर विशेष सिद्धियां प्राप्त करते थे इस दिन सामान्य लोग भी मन और वाणी को नियंत्रित रख कर मौन व्रत करें तो इससे उन्हें भी मुनि पद की प्राप्ति हो सकती है और जाने अनजाने में किए गए पाप कट जाते हैं ।

सिर्फ मुंह से ना बोलना मौन नहीं होता। मौन वास्तव में मन के शुद्धिकरण की प्रक्रिया का हिस्सा है। मौन का मतलब अंतर मन को शांति स्थिर और निर्मल बनाने से होता है। मौन रहकर मन में गलत विचारों को नहीं लाना चाहिए और एकाग्र होकर प्रभु के नाम का स्मरण करना चाहिए। यह एक तरह से तप जैसा है अगर कोई व्यक्ति पूरे दिन मौन नहीं रह सकता तो कम से कम स्नान दान पुण्य से पहले मौन व्रत जरूर करें उससे नकारात्मकता दूर होती है।

स्नान दान पुण्य का महत्व

मौनी अमावस्या के दिन स्नान दान करने का विशेष महत्व है इस दिन पवित्र नदियों में स्नान किया जाता है। यदि गंगा स्नान नहीं कर सकते तो स्नान के जल में थोड़ा गंगा जल मिलाकर स्नान करने से गंगा स्नान का पुण्य फल प्राप्त होता है। स्नान के पश्चात दान करें इस दिन दान पुण्य का कई गुना फल मिलता है ।

शुभ मुहूर्त

मोनी अमावस्या की शुरुआत

21 जनवरी 2023 प्रातः 6:17बजे

मौनी अमावस्या का समापन 22 जनवरी 2023 प्रातः 2:22 बजे इस बार की मौनी अमावश्या शनिवार को पड़ने के कारण शनिचरी अमावस्या के रूप में भी मनाई जाएगी इसलिए इस वर्ष मोनी अमावस्या का महत्व और ज्यादा बढ़ गया है।

Posted By: anil tomar

  • Font Size
  • Close